भिवंडी: महाराष्ट्र के भिवंडी के रहने वाले शादाब मोमिन की कहानी इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है। एक भावनात्मक झटके के बाद उन्होंने खुद को संभालने के लिए एक नया रास्ता चुना और धीरे-धीरे वह लोगों के बीच ‘स्पाइडी भाई’ के नाम से लोकप्रिय हो गए। आज उनके सोशल मीडिया अकाउंट्स पर लाखों लोग उन्हें फॉलो करते हैं।
दर्द को बदला पहचान में
शादाब के अनुसार, निजी जिंदगी में मिले दर्द और दिल टूटने के बाद उन्होंने खुद को व्यस्त रखने और लोगों के चेहरों पर मुस्कान लाने का फैसला किया। उन्होंने स्पाइडर-मैन का किरदार अपनाया और सार्वजनिक जगहों पर अलग अंदाज में लोगों से जुड़ना शुरू किया।
बच्चों और युवाओं में लोकप्रिय
स्पाइडर-मैन की पोशाक में शादाब जब सड़कों, कार्यक्रमों और सार्वजनिक स्थानों पर नजर आते हैं तो बच्चे और युवा उनके साथ फोटो खिंचवाने के लिए उत्साहित हो जाते हैं। उनका यह अनोखा अंदाज धीरे-धीरे सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा।
सोशल मीडिया पर बड़ी फैन फॉलोइंग
शादाब मोमिन के वीडियो को लोगों ने काफी पसंद किया और देखते ही देखते उनके फॉलोअर्स की संख्या करीब 10 लाख तक पहुंच गई। उनके कंटेंट में मनोरंजन के साथ लोगों को खुश करने और सकारात्मक संदेश देने की कोशिश दिखाई देती है।
संघर्ष से मिली नई पहचान
शादाब की कहानी यह दिखाती है कि जीवन में आने वाली मुश्किल परिस्थितियों को किस तरह नई दिशा में बदला जा सकता है। उन्होंने अपनी कमजोरी को अपनी ताकत बनाया और एक अलग पहचान कायम की।
‘स्पाइडी भाई’ का संदेश
शादाब का कहना है कि जिंदगी में मुश्किल समय आ सकता है, लेकिन व्यक्ति को हार नहीं माननी चाहिए। सकारात्मक सोच और मेहनत से कोई भी व्यक्ति अपनी परिस्थितियों को बदल सकता है।
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