Maharashtra महाराष्ट्र: महाराष्ट्र के नासिक में मंगलवार को आयोजित पासिंग आउट परेड के दौरान एक नव नियुक्त सेना पायलट का प्रपोजल सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसने सेना के प्रोटोकॉल और मर्यादा को लेकर बहस छेड़ दी है। वायरल वीडियो और उस दिन की जोड़ी की तस्वीरों ने इस घटना को लेकर लोगों के बीच चर्चा तेज कर दी है।

सूत्रों के मुताबिक, इस प्रपोजल के सोशल मीडिया पर साझा होने के बाद भारतीय सेना ने कथित तौर पर मामले का संज्ञान लिया है। अधिकारियों ने कहा कि नव नियुक्त पायलट से स्पष्टीकरण मांगा जा सकता है, क्योंकि पासिंग आउट परेड जैसे औपचारिक और प्रतिष्ठित समारोह में व्यक्तिगत प्रस्ताव देना सेना द्वारा निर्धारित प्रोटोकॉल का उल्लंघन माना जा रहा है।

जानकारी के अनुसार, कैप्टन भारत भारद्वाज ने पासिंग आउट परेड के दौरान अपनी मंगेतर को सैन्य उपकरणों के सामने वर्दी में प्रपोज किया। इस कार्रवाई को सेना के नियमों के हिसाब से अनुचित माना गया है, क्योंकि ऐसे समारोह में अनुशासन, समय और स्थान का विशेष महत्व होता है।

सेना सूत्रों ने आईएएनएस से बताया कि इस कृत्य ने समय, स्थान और परंपरा के लिहाज से सैन्य मर्यादा का उल्लंघन किया है। सूत्रों का कहना है कि पासिंग आउट परेड एक प्रतिष्ठित अवसर है, जिसमें नए अधिकारी अपनी वर्दी, शारीरिक और मानसिक प्रशिक्षण का प्रदर्शन करते हैं, और इसे व्यक्तिगत या रोमांटिक गतिविधियों के लिए उपयुक्त स्थान नहीं माना जाता।

सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद, कई लोग इस घटना को मनोरंजक और रचनात्मक मान रहे हैं, जबकि अन्य लोग इसे सेना के अनुशासन और प्रोटोकॉल के लिए अनुचित बता रहे हैं। सेना अधिकारियों का मानना है कि इस तरह की गतिविधियों से समारोह की गरिमा और पारंपरिक महत्व कम हो सकता है।

सेना ने फिलहाल किसी अधिकारी के खिलाफ आधिकारिक कार्रवाई की घोषणा नहीं की है, लेकिन सूत्रों के अनुसार, यह मामला समीक्षा के तहत है। नव नियुक्त पायलट से स्पष्टीकरण लिए जाने की संभावना जताई जा रही है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि भविष्य में इस तरह के उल्लंघन न हों।

विशेषज्ञों का कहना है कि पासिंग आउट परेड केवल एक समारोह नहीं, बल्कि सैन्य अनुशासन, प्रशिक्षण और टीम भावना का प्रतीक है। इसलिए व्यक्तिगत गतिविधियां और सोशल मीडिया पोस्ट ऐसे आयोजनों में विवाद का कारण बन सकते हैं।

इस घटना ने यह भी दिखाया कि सोशल मीडिया की उपस्थिति किसी भी पेशेवर या औपचारिक कार्यक्रम में कैसे प्रतिक्रिया और बहस को जन्म दे सकती है। अधिकारियों ने कहा कि सैनिकों को अपनी व्यक्तिगत भावनाओं को सार्वजनिक मंच पर व्यक्त करने से पहले प्रोटोकॉल और अनुशासन का ध्यान रखना चाहिए।

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