Mumbai: गाढ़ी कमाई का छात्रों के लिए किया सदुपयोग, चेहरों पर छाई खुशी
छात्रों की मदद कर गाढ़ी कमाई को बनाया सार्थक, चेहरे खिले
मुंबई: अपनी मेहनत की कमाई से इंसानियत की मिसाल कायम करते हुए, इनर वॉयस सामाजिक कल्याण संगठन ने उल्हासनगर-5 के जागृति विद्यालय के 300 छात्रों के चेहरों पर मुस्कान बिखेरी। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर और संस्था की 51वीं पहल के तहत, फाउंडेशन ने छात्रों को यूनिफॉर्म, स्कूल का सामान और खेलकूद का सामान दिया, साथ ही स्कूल की सुविधाओं को बेहतर बनाने में भी मदद की।
संस्था ने एक बेहतरीन उदाहरण पेश किया है कि समाज सेवा का मतलब सिर्फ़ चंदा इकट्ठा करना और ज़रूरतमंदों को सामान बांटना नहीं है; बल्कि अपनी मेहनत की कमाई का कुछ हिस्सा समाज को देना और असल ज़रूरतों को समझकर मदद का हाथ बढ़ाना भी है। कई कामकाजी लोग अपनी मासिक आय का कुछ हिस्सा स्वेच्छा से फाउंडेशन को दान करते हैं। इन्हीं योगदानों के ज़रिए ज़रूरतमंद स्कूलों तक मदद पहुँचती है।
सुबह झंडा फहराने के कार्यक्रम के बाद, जागृति विद्यालय के छात्रों को पढ़ाई, खेलकूद और रोज़मर्रा के इस्तेमाल की ज़रूरी चीज़ें बांटी गईं। फाउंडेशन ने स्कूल की इमारत की रंग-पुताई करवाई और बाउंड्री वॉल व सुरक्षा ग्रिल भी लगवाईं।कुल 300 छात्रों को यूनिफॉर्म, स्कूल का सामान और खेलकूद का सामान मिला। इसके अलावा, स्कूल को दो बड़ी अलमारियाँ, फर्स्ट-एड किट, पानी की बोतलें और अन्य ज़रूरी सामान भी दिया गया। इन योगदानों से न सिर्फ़ छात्रों की ज़रूरतें पूरी हुईं, बल्कि स्कूल की सुविधाओं में भी सुधार हुआ।
विदित हो कि इनर वॉयस सोशल वेलफेयर फाउंडेशन अध्यक्ष सुयोग करंडे इस मौके पर जागृति विद्यालय के संस्थापक शिंदे सर के साथ-साथ इनर वॉयस के अध्यक्ष सुयोग करंडे, सचिव श्रीगणेश खंडारे, कोषाध्यक्ष नीलेश शिंदे, अमित सी., प्रकाश रोकड़े, मुकुल सालुंखे, वी. एन. घनवट, दीक्षा मोरे, संदीप गुलुंजकर, गणेश हिंगे, हेमा देसाई, अशोक कोंडिलकर, ध्रुव अग्रवाल, रविदास बाविस्कर, संतोष छोटे और अन्य लोग मौजूद थे। अगर समाज सेवा की शुरुआत इस सोच से हो कि मैं कितना योगदान दे सकता हूँ?, तो हर व्यक्ति का छोटा सा योगदान भी ज़रूरतमंदों की ज़िंदगी में बड़ा बदलाव ला सकता है।