Mumbai : एयरपोर्ट पर ड्रग्स तस्करी का खुलासा

Update: 2026-07-15 04:55 GMT

मुंबई : मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट (CSMIA) पर कस्टम विभाग ने ड्रग्स तस्करी के एक मामले का खुलासा किया है। एयरपोर्ट कस्टम अधिकारियों ने मंगलवार को नागपुर के रहने वाले 30 वर्षीय युवक को बैंकॉक से प्रतिबंधित मादक पदार्थ लाने के आरोप में गिरफ्तार किया। आरोपी के पास से बड़ी मात्रा में हाइड्रोपोनिक वीड (कैनबिस) बरामद किया गया है।

कस्टम अधिकारियों के अनुसार, एयर इंटेलिजेंस यूनिट (AIU) को इस मामले में पहले से विशेष सूचना मिली थी। इसी सूचना के आधार पर अधिकारियों ने बैंकॉक से मुंबई पहुंचे एक यात्री की निगरानी शुरू की। जैसे ही यात्री विकास गणोरकर एयरपोर्ट पर पहुंचा, उसे जांच के लिए रोका गया।

अधिकारियों ने बताया कि यात्री के सामान की जांच के दौरान उसके ट्रॉली बैग पर शक हुआ। इसके बाद बैग की गहन तलाशी ली गई। जांच में बैग के अंदर से 14 प्लास्टिक के पैकेट बरामद हुए। इन पैकेटों को खोलने पर उनमें पौधे के फल और फूल वाले ऊपरी हिस्से मिले।

प्रारंभिक जांच में बरामद सामग्री को हाइड्रोपोनिक वीड यानी विशेष तकनीक से उगाई गई कैनबिस बताया गया। अधिकारियों के अनुसार, इन पैकेटों से तेज और तीखी गंध आ रही थी, जिससे उनके मादक पदार्थ होने का संदेह मजबूत हुआ। इसके बाद बरामद सामग्री को जब्त कर लिया गया और यात्री को हिरासत में ले लिया गया।

कस्टम विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बरामद मादक पदार्थ की मात्रा और कीमत का आकलन किया जा रहा है। इसके साथ ही आरोपी से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि वह यह ड्रग्स कहां पहुंचाने वाला था और इस तस्करी नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी बैंकॉक से मुंबई पहुंचा था। विदेशी उड़ानों के जरिए ड्रग्स की तस्करी के मामलों पर कस्टम विभाग लगातार नजर बनाए हुए है। अधिकारियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की जांच प्रक्रिया को और मजबूत किया गया है, ताकि प्रतिबंधित पदार्थों की तस्करी को रोका जा सके।

हाइड्रोपोनिक वीड को सामान्य कैनबिस की तुलना में अधिक शक्तिशाली माना जाता है। इसे मिट्टी के बजाय नियंत्रित वातावरण में पानी और पोषक तत्वों की मदद से उगाया जाता है। इसकी मांग अवैध बाजार में अधिक होने के कारण तस्कर इसे विदेशों से भारत लाने की कोशिश करते हैं।

कस्टम अधिकारियों ने बताया कि आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट) के तहत कार्रवाई की जा रही है। मामले की आगे की जांच जारी है और आरोपी से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।

मुंबई एयरपोर्ट पर इससे पहले भी विदेशी यात्रियों के जरिए ड्रग्स तस्करी के कई मामले सामने आ चुके हैं। कस्टम विभाग और सुरक्षा एजेंसियां ऐसे मामलों को रोकने के लिए लगातार अभियान चला रही हैं। विशेष रूप से बैंकॉक, थाईलैंड और अन्य अंतरराष्ट्रीय रूटों से आने वाले यात्रियों की जांच पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

अधिकारियों का कहना है कि ड्रग्स तस्करी के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। एयर इंटेलिजेंस यूनिट संदिग्ध यात्रियों और सामान की जांच के लिए आधुनिक तकनीक और खुफिया जानकारी का इस्तेमाल कर रही है।

जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि विकास गणोरकर ने यह हाइड्रोपोनिक वीड किसके कहने पर खरीदा था और भारत में इसे कहां पहुंचाने की योजना थी। इसके अलावा उसके मोबाइल फोन, यात्रा रिकॉर्ड और संपर्कों की भी जांच की जा सकती है।

कस्टम विभाग के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स सिंडिकेट अक्सर हवाई मार्गों का इस्तेमाल कर मादक पदार्थों की तस्करी करने की कोशिश करते हैं। ऐसे मामलों में छोटे कैरियर का इस्तेमाल किया जाता है, जिन्हें पैसे का लालच देकर प्रतिबंधित सामग्री पहुंचाने के लिए भेजा जाता है।

फिलहाल मुंबई एयरपोर्ट कस्टम की टीम मामले की जांच कर रही है। आरोपी को कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई के लिए संबंधित अधिकारियों के सामने पेश किया जाएगा। वहीं, जांच एजेंसियां इस तस्करी के पीछे सक्रिय पूरे नेटवर्क का पता लगाने का प्रयास कर रही हैं।

मुंबई एयरपोर्ट पर हुई इस कार्रवाई को कस्टम विभाग की बड़ी सफलता माना जा रहा है। समय रहते ड्रग्स की खेप पकड़े जाने से अवैध तस्करी के एक प्रयास को विफल किया गया है। अधिकारियों ने यात्रियों को भी चेतावनी दी है कि किसी भी अनजान व्यक्ति का सामान ले जाने या प्रतिबंधित सामग्री की तस्करी में शामिल होने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

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