Mumbai: आवास योजनाओं की रफ्तार बढ़ाने को सीएम फडणवीस सख्त
हाउसिंग योजनाओं की प्रगति पर फडणवीस ने जताया फोकस
मुंबई: आम जनता के घर के सपने को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए राज्य में विभिन्न हाउसिंग परियोजनों को लागू किया जा रहा है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इन सभी कामों में तेजी लाकर परियोजनाओं को गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने का निर्देश दिया है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में गुरुवार को सह्याद्री गेस्ट हाउस में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) और गृहनिर्माण विभाग के हाउसिंग स्टॉक को लेकर समीक्षा बैठक बुलाई गई थी। बैठक में गृहनिर्माण विभाग राज्य मंत्री पंकज भोयर और मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल सहित संबंधित एजेंसियों के वपरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि एजेंसियां नियमों के मुताबिक प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए सावधानी बरतें, काम की गुणवत्ता और स्टैंडर्ड को प्राथमिकता दें।
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत यूडब्ल्यूपी वेब पोर्टल पर चल रहे लाभार्थी रजिस्ट्रेशन ड्राइव में 30 जुलाई, 2026 तक राज्य में कुल 4,21,083 लाभार्थी रजिस्टर हो चुके हैं। इस स्कीम के तहत पूरे राज्य में कुल 1,60,463 घरों को अप्रूव किया गया है। इसमें इंडिविजुअल हाउस कंस्ट्रक्शन बीएलसी, पार्टनरशिप बेसिस पर अफोर्डेबल हाउसिंग (एएचपी), एएचपी-पीपीपी और एआरएच रेंटल हाउस शामिल हैं। इसमें एसएलएसी द्वारा अप्रूव किए गए 43,691 प्रस्तावित घर भी शामिल हैं।
घर आवंटित करते समय, तीन मुख्य कैटेगरी को प्राथमिकता दी जाएगी। खतरनाक और पुरानी बिल्डिंग में रहने वालों के लिए ट्रांजिशनल फ्लैट, सरकारी प्रोजेक्ट में विस्थापित लोगों के लिए प्रोजेक्ट से प्रभावित फ्लैट, और सीआरजेड, पहाड़ों की ढलानों पर झुग्गी-झोपड़ियों के पुनर्वास के लिए स्थाई ट्रांजिशनल फ्लैट। आपात या खास हालात में प्राइवेट डेवलपर्स को ट्रांजिशनल हाउसिंग और किराए के घर उपलब्ध कराए जाएंगे। सबसे पहले, पीएमएवाई (शहरी) के नियमों के अनुसार आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को घर दिए जाएंगे। फिर संबंधित अथॉरिटी की लॉटरी और उसके बाद भी यदि घर बचते हैं तो पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर घर दिए जाएंगे। इन सभी घरों के प्रबंधन, बिक्री और मेंटेनेंस के लिए एक अलग वेबसाइट और मोबाइल ऐप बनाया जाएगा।
बीएलसी कंपोनेंट के तहत केंद्र और राज्य द्वारा 675.45 करोड़ रुपये का फंड मंजूर किया गया है और 100 करोड़ रुपये का फंड हाल ही में और 7 जुलाई, 2026 को 448.69 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। दूसरी किस्त के लिए 74.96 करोड़ रुपये का फंड आवंटन का ऑर्डर 24 जुलाई 2026 को जारी किए गए थे।
ईडब्ल्यूएस कैटेगरी के लाभार्थियों को घर बनाने के लिए 5 ब्रास सैंड फ्री दिए जा रहे हैं। कैलकुलेशन फीस पर 50% डिस्काउंट और पहले बैच के लिए सिर्फ 1,000 रुपये स्टांप ड्यूटी ली जा रही है। सरकारी और अर्ध-सरकारी संस्थाओं को 1 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से जमीन उपलब्ध कराई जा रही है।