Mumbai-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट: पालघर में तीसरी पहाड़ी सुरंग का पता चला
Maharashtra महाराष्ट्र: मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के निर्माण में एक अहम मील का पत्थर हासिल हुआ है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को जानकारी दी कि महाराष्ट्र के पालघर जिले में बुलेट ट्रेन मार्ग के लिए तीसरी पहाड़ी सुरंग का पता चल गया है।
सुरंग की लंबाई 417 मीटर और चौड़ाई 14.4 मीटर है। रेल मंत्री के अनुसार, यह सुरंग दहानू तालुका के अंबेसरी गांव में स्थित है और प्रोजेक्ट की सुरक्षा और तकनीकी दक्षता को ध्यान में रखते हुए दोनों सिरों से खुदाई की गई है।
सुरंग की खुदाई में कंट्रोल्ड ड्रिलिंग और ब्लास्टिंग टेक्नीक का इस्तेमाल किया गया, जिससे आसपास के इलाके और स्ट्रक्चर को कोई नुकसान न पहुंचे। खुदाई के दौरान लेटेस्ट मॉनिटरिंग सिस्टम का भी उपयोग किया गया, ताकि सुरंग की स्थिरता और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
रेल मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि खुदाई के समय जियोटेक्निकल इक्विपमेंट का इस्तेमाल किया गया, जिससे भू-तत्त्व और मिट्टी की संरचना का आंकलन कर सुरंग की मजबूती सुनिश्चित की जा सके। इस तकनीकी निगरानी से किसी भी तरह की अप्रत्याशित घटना या हादसे की संभावना कम हो गई।
इस सुरंग का पता लगने के बाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट में निर्माण कार्य और भी तेजी से आगे बढ़ सकेगा। अधिकारियों का कहना है कि यह सुरंग रेल मार्ग की समयसीमा और दक्षता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इसके अलावा, सुरंग की सुरक्षा और स्थिरता पर विशेष ध्यान दिया गया है, ताकि ट्रेन संचालन के दौरान यात्रियों और माल दोनों की सुरक्षा बनी रहे।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, "तीसरी पहाड़ी सुरंग का पता लगना हमारे लिए बड़ी उपलब्धि है। यह न केवल परियोजना की प्रगति को दर्शाता है बल्कि तकनीकी दक्षता और सुरक्षा के मानकों को भी सिद्ध करता है।" उन्होंने यह भी बताया कि इस सुरंग की सफलता से बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के अन्य खंडों में काम और अधिक तेज़ी से होगा।
मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट देश की पहली हाई-स्पीड ट्रेन परियोजना है, जिसे जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (JICA) के सहयोग से विकसित किया जा रहा है। प्रोजेक्ट का उद्देश्य मुंबई और अहमदाबाद के बीच यात्रा समय को कई गुना कम करना और आर्थिक तथा औद्योगिक विकास को प्रोत्साहित करना है।
रेल मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि सुरंग की तकनीकी निगरानी और सुरक्षा के लिए आधुनिक मशीनरी और उपकरणों का उपयोग किया गया। इससे न केवल निर्माण कार्य सुरक्षित हुआ बल्कि समय पर प्रोजेक्ट के लक्ष्यों को पूरा करना भी संभव हुआ।
तीसरी पहाड़ी सुरंग का पता लगना बुलेट ट्रेन परियोजना की सफलता में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, परियोजना समयसीमा के अनुसार पूरी हो रही है और तकनीकी दक्षता की उच्चतम मानकों के साथ इसे अंजाम दिया जा रहा है।
इस सुरंग की सफलता से मुंबई और अहमदाबाद के बीच हाई-स्पीड रेल सेवा शुरू होने में और गति आएगी, जिससे यात्रियों को तेज़ और सुरक्षित यात्रा का लाभ मिलेगा।