Mumbai मुंबई। पवई इलाके में बच्चों को बंधक बनाने की सनसनीखेज वारदात के बाद अब इस पर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) की प्रतिक्रिया सामने आई है। मनसे नेता बाला नांदगांवकर ने कहा कि यदि आरोपी ने वाकई पुलिस पर फायरिंग की थी, तो पुलिस की जवाबी कार्रवाई और एनकाउंटर “बिलकुल स्वाभाविक” है। उन्होंने साथ ही कहा कि इस पूरे मामले की जांच निष्पक्ष रूप से होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके। नांदगांवकर ने कहा, “अगर किसी ने बच्चों को बंधक बनाया और पुलिस पर गोली चलाई, तो पुलिस को अपनी और दूसरों की सुरक्षा के लिए कार्रवाई करनी ही पड़ेगी। ऐसे में एनकाउंटर पर सवाल उठाना उचित नहीं है। हालांकि, इसकी जांच जरूर की जानी चाहिए कि घटना के वक्त हालात क्या थे और पुलिस ने कौन-से कदम उठाए।”
गौरतलब है कि मुंबई के पवई इलाके में एक व्यक्ति ने रविवार को दो बच्चों को अपने घर में बंधक बना लिया था। कई घंटे चले ड्रामे के बाद पुलिस ने बचाव अभियान चलाया और बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इस दौरान आरोपी ने पुलिस पर गोली चला दी थी, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में उसे गोली लगी। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इस पूरे घटनाक्रम ने मुंबई में सनसनी फैला दी। स्थानीय लोगों ने पुलिस की तत्परता की सराहना की, जबकि कुछ राजनीतिक दलों ने एनकाउंटर की जांच की मांग की। इसी पर प्रतिक्रिया देते हुए बाला नांदगांवकर ने कहा कि मनसे हमेशा कानून व्यवस्था और पुलिस के मनोबल के पक्ष में खड़ी रही है। “अगर कोई अपराधी पुलिस पर हमला करता है, तो उसे कानून का सम्मान करना चाहिए। पुलिस अपनी ड्यूटी निभा रही थी, उसे दोष देना गलत है,” उन्होंने कहा।
मनसे नेता ने यह भी कहा कि आज के समय में अपराधियों का मनोबल बढ़ा हुआ है, और पुलिस पर हमला करने जैसी घटनाएं चिंता का विषय हैं। “यह जरूरी है कि सरकार और प्रशासन ऐसे मामलों में सख्त रुख अपनाएं ताकि आगे कोई ऐसी हरकत करने की हिम्मत न करे,” नांदगांवकर ने जोड़ा। मुंबई पुलिस ने इस घटना के बाद बताया कि पूरे अभियान के दौरान बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई थी। पुलिस कमिश्नर ने टीम की सराहना करते हुए कहा कि बचाव अभियान बिना किसी नागरिक को नुकसान पहुंचाए पूरा किया गया। फिलहाल पवई पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या के प्रयास, बंधक बनाना और अवैध हथियार रखने जैसी धाराओं में मामला दर्ज किया है। साथ ही महाराष्ट्र सीआईडी और मृतक के परिवार की उपस्थिति में जांच प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।