Maharashtra महाराष्ट्र: मुंबई एयरपोर्ट पुलिस ने यात्रियों को भावनात्मक कहानियों के जरिए ठगने वाले एक बड़े स्कैम का पर्दाफाश किया है। यह मामला देशभर में फैले एक संगठित धोखाधड़ी नेटवर्क से जुड़ा बताया जा रहा है, जिसमें यात्रियों की सहानुभूति का फायदा उठाकर उनसे पैसे ऐंठे जाते थे।
पुलिस के अनुसार इस पूरे रैकेट का मास्टरमाइंड 25 वर्षीय BBA ग्रेजुएट है, जिसने मुंबई एयरपोर्ट टर्मिनल को अपनी गतिविधियों का मुख्य केंद्र बना रखा था। आरोपी की पहचान मोडेला व्यंकटा के रूप में हुई है, जो आंध्र प्रदेश के गुंटूर का रहने वाला है। उसे 28 मई को मुंबई एयरपोर्ट पुलिस ने गिरफ्तार किया।
जांच में सामने आया है कि आरोपी का तरीका बेहद सरल लेकिन मनोवैज्ञानिक रूप से प्रभावशाली था। वह एयरपोर्ट के अराइवल गेट पर यात्रियों से संपर्क करता था और खुद को एक परेशानी में फंसा हुआ यात्री बताता था। वह लोगों को यह कहकर भावनात्मक रूप से प्रभावित करता था कि उसकी फ्लाइट छूट गई है, उसका सामान और टिकट खो गया है और उसके पास पैसे नहीं बचे हैं।
इस भावनात्मक कहानी के जरिए वह यात्रियों से तुरंत आर्थिक मदद मांगता था। कई बार वह खुद को एक छात्र या परेशान इंजीनियरिंग स्टूडेंट के रूप में पेश करता था, जिससे लोग उसकी बातों पर भरोसा कर लेते थे। इसी भरोसे का फायदा उठाकर वह यात्रियों से नकद पैसे ले लेता था और फिर मौके से गायब हो जाता था।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने यह तरीका केवल मुंबई एयरपोर्ट तक सीमित नहीं रखा था, बल्कि वह अलग-अलग शहरों और एयरपोर्ट्स पर भी इसी तरह की धोखाधड़ी को अंजाम दे चुका है। इसी कारण इसे एक इंटरस्टेट स्कैम नेटवर्क से भी जोड़ा जा रहा है।
मुंबई एयरपोर्ट पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि आरोपी को लंबे समय से ट्रैक किया जा रहा था, क्योंकि कई यात्रियों ने एयरपोर्ट पर इस तरह की घटनाओं की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतों में पैटर्न एक जैसा पाया गया, जिसके बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और सर्विलांस की मदद से आरोपी की पहचान की।
गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में आरोपी से कई अहम जानकारियां मिली हैं, जिसके आधार पर पुलिस अब इस रैकेट से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि यह मामला केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि एक बड़े नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है।
पुलिस ने यात्रियों से अपील की है कि एयरपोर्ट या किसी भी सार्वजनिक स्थान पर अजनबियों को पैसे देने से पहले सावधानी बरतें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना सुरक्षा एजेंसियों को दें।
फिलहाल आरोपी को हिरासत में लेकर आगे की जांच की जा रही है, और पुलिस इस पूरे नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचने की कोशिश में जुटी हुई है।