क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई, PDS और आंगनवाड़ी सप्लाई की कालाबाजारी का भंडाफोड़
Maharashtra महाराष्ट्र: क्राइम ब्रांच ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत गरीबों के लिए भेजे जाने वाले राशन और आंगनवाड़ी के बच्चों, गर्भवती महिलाओं तथा अन्य जरूरतमंद समूहों के लिए निर्धारित न्यूट्रिशन सप्लाई की कालाबाजारी करने वाले एक रैकेट का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने करीब ₹17 लाख मूल्य का सामान जब्त किया है और तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस के अनुसार, यह पूरा नेटवर्क जरूरतमंदों के लिए भेजे जाने वाले सरकारी अनाज और पोषण सामग्री को अवैध रूप से जमा कर उसे बाजार में बेचने का काम करता था। इस मामले में जिंसी पुलिस स्टेशन में दो अलग-अलग मामले दर्ज किए गए हैं, जबकि कुल पांच लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान समीर बाबर कुरैशी (30) और फरदीन पठान, दोनों चिकलथाना निवासी, तथा फहाद लायक शतूरी (45), निवासी किरादपुरा के रूप में हुई है। वहीं, इस रैकेट के अन्य आरोपी कलीम छोटू कुरैशी सहित एक अन्य संदिग्ध अभी फरार बताए जा रहे हैं।
क्राइम ब्रांच के पुलिस इंस्पेक्टर गजानन कल्याणकर ने बताया कि जांच के दौरान यह सामने आया कि मुख्य आरोपी कलीम कुरैशी पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम के तहत मिलने वाले अनाज और आंगनवाड़ी की न्यूट्रिशन सामग्री को अवैध रूप से एकत्र कर उसे काला बाजार में बेचने की योजना में शामिल था।
पुलिस को इस पूरे नेटवर्क के बारे में गुप्त सूचना मिली थी, जिसके बाद 13 जून को कार्रवाई की गई। क्राइम ब्रांच की टीम ने किरादपुरा स्थित एम.आर. पैलेस बिल्डिंग की ग्राउंड फ्लोर पर बने एक गोदाम पर छापा मारा। तलाशी के दौरान वहां बड़ी मात्रा में राशन, अनाज और आंगनवाड़ी की न्यूट्रिशन सप्लाई का भंडार मिला, जिसे अवैध रूप से जमा किया गया था।
अधिकारियों के अनुसार, जब्त किए गए सामान की कुल कीमत लगभग ₹17 लाख आंकी गई है। पुलिस का कहना है कि यह सामग्री जरूरतमंदों तक पहुंचनी थी, लेकिन इसे बीच में ही रोककर बाजार में बेचने की तैयारी की जा रही थी।
इस कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। पुलिस ने बताया कि फरार आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है और पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने के लिए जांच जारी है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस रैकेट में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और यह कालाबाजारी कितने समय से चल रही थी।
पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि इस तरह की अवैध गतिविधियों पर सख्त नजर रखी जा रही है, ताकि गरीबों के हक का राशन और पोषण सामग्री सही लाभार्थियों तक पहुंच सके। फिलहाल मामले की जांच जिंसी पुलिस स्टेशन और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम द्वारा की जा रही है, और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है।