छत्रपति संभाजीनगर। सावन के पवित्र महीने के अवसर पर महाराष्ट्र के ऐतिहासिक एलोरा क्षेत्र में गुरुवार को विशेष सफाई अभियान चलाया गया। इस अभियान में जिले के वरिष्ठ अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

अभियान के दौरान लोगों ने खुद श्रमदान करते हुए पूरे इलाके की सफाई की। करीब तीन घंटे तक चले इस अभियान में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया और एलोरा क्षेत्र को स्वच्छ बनाने में योगदान दिया।

नगर परिषद की पहल पर शुरू हुआ अभियान

यह सफाई अभियान एलोरा नगर परिषद की पहल पर आयोजित किया गया था। नगर प्रशासन ने इसे सफल बनाने के लिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों को जोड़ा।

अभियान का उद्देश्य धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व वाले एलोरा क्षेत्र को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखना था।

सावन महीने में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक एलोरा पहुंचते हैं। ऐसे में क्षेत्र की स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए यह विशेष पहल की गई।

अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने किया श्रमदान

सफाई अभियान में जिले के कई वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि शामिल हुए।

इस दौरान जिला परिषद अध्यक्ष अविनाश गलांडे, विधायक प्रशांत बंब, छत्रपति संभाजीनगर के मेयर समीर राजुरकर, डिविजनल कमिश्नर जी. श्रीकांत, जिला कलेक्टर विनय गौड़ा समेत कई प्रमुख लोग मौजूद रहे।

अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने खुद सफाई कार्य में हिस्सा लेकर लोगों को स्वच्छता का संदेश दिया।

तीन घंटे में बदली क्षेत्र की तस्वीर

अभियान के दौरान लोगों ने मिलकर एलोरा क्षेत्र की साफ-सफाई की। कचरा हटाने, आसपास के क्षेत्रों को स्वच्छ करने और सार्वजनिक स्थानों को व्यवस्थित करने का काम किया गया।

लगातार तीन घंटे तक चले अभियान के बाद इलाके की तस्वीर काफी बदल गई।

प्रशासन का कहना है कि इस तरह के सामूहिक प्रयासों से स्वच्छता को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ती है।

धार्मिक और पर्यटन स्थल की स्वच्छता पर जोर

एलोरा की गुफाएं विश्व प्रसिद्ध ऐतिहासिक धरोहरों में शामिल हैं। यहां देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं।

सावन के दौरान धार्मिक गतिविधियों के कारण यहां श्रद्धालुओं की संख्या भी बढ़ जाती है।

इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने स्वच्छता अभियान के जरिए क्षेत्र को बेहतर बनाने का प्रयास किया।

कई विभागों ने लिया हिस्सा

सफाई अभियान में जिला प्रशासन के अलावा विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए।

जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मिनू पी.एम., जिला परिषद सदस्य क्रुणाल डांडगे, पंचायत समिति सदस्य दिनेश अंभोरे, वेरुल की सरपंच कुसुमबाई प्रकाश मिसल सहित कई लोग अभियान का हिस्सा बने।

इसके अलावा पुलिस अधीक्षक प्रकाश जाधव, अतिरिक्त जिला कलेक्टर संभाजीराव अडकुने और नगर परिषद के प्रशासनिक अधिकारी सौरभ जोशी भी मौजूद रहे।

स्वच्छता के प्रति लोगों को किया प्रेरित

अधिकारियों ने कहा कि स्वच्छता केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें आम लोगों की भागीदारी भी जरूरी है।

इस अभियान के जरिए लोगों को अपने आसपास के क्षेत्र को साफ रखने और सार्वजनिक स्थानों की देखभाल करने का संदेश दिया गया।

प्रशासन ने लोगों से अपील की कि वे कचरा निर्धारित स्थानों पर ही डालें और पर्यावरण को स्वच्छ बनाए रखने में सहयोग करें।

भविष्य में भी जारी रहेंगे ऐसे अभियान

नगर प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि एलोरा क्षेत्र में स्वच्छता और सौंदर्यीकरण से जुड़े ऐसे अभियान आगे भी जारी रखे जाएंगे।

ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व वाले क्षेत्रों को बेहतर बनाए रखने के लिए नियमित सफाई और जनभागीदारी को बढ़ावा दिया जाएगा।

एलोरा को स्वच्छ और सुंदर बनाने की पहल

एलोरा केवल महाराष्ट्र ही नहीं, बल्कि पूरे देश की महत्वपूर्ण धरोहर है। ऐसे में यहां स्वच्छता बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है।

सावन के अवसर पर आयोजित इस सफाई अभियान ने प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और आम लोगों की साझेदारी का उदाहरण पेश किया।

इस पहल से यह संदेश गया कि सामूहिक प्रयासों से किसी भी क्षेत्र को स्वच्छ और सुंदर बनाया जा सकता है।

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