Pune नकली शराब कांड में बड़ी कार्रवाई, 22 पुलिस और आबकारी अधिकारी निलंबित
Maharashtra महाराष्ट्र: पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ में नकली शराब की अवैध सप्लाई से जुड़े मामले में बड़ा प्रशासनिक एक्शन लिया गया है। अधिकारियों ने शनिवार को जानकारी दी कि इस मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में पुणे पुलिस, पिंपरी-चिंचवड़ पुलिस और महाराष्ट्र एक्साइज डिपार्टमेंट के कुल 22 अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है।
यह कार्रवाई उस दुखद घटना के बाद की गई है, जिसमें नकली शराब के सेवन से 14 लोगों की मौत हो गई थी। यह घटना पिछले दो दिनों में पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ क्षेत्र में सामने आई, जिसके बाद पूरे राज्य में हड़कंप मच गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए क्राइम इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (CID) ने इसकी जांच अपने हाथ में ले ली है। प्रारंभिक जांच में नकली शराब के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जिसमें कई लोगों की संलिप्तता सामने आई है।
पुलिस ने इस मामले में एक मुख्य बूटलेगर समेत कुल आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और उनके नेटवर्क तथा सप्लाई चेन को खंगाला जा रहा है।
पुणे पुलिस कमिश्नरेट की ओर से जारी आदेश के अनुसार, हड़पसर पुलिस स्टेशन से जुड़े वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक संजय मोगले, सहायक पुलिस निरीक्षक हसीना सिकलगर और सब-इंस्पेक्टर हसन मुलानी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
इन अधिकारियों पर आरोप है कि उन्होंने अपने क्षेत्र में चल रहे नकली शराब के अवैध कारोबार और सप्लाई नेटवर्क को रोकने में लापरवाही बरती। प्रशासन का मानना है कि समय रहते कार्रवाई होती तो इस बड़ी दुर्घटना को टाला जा सकता था।
इसके अलावा आबकारी विभाग के कई अधिकारियों पर भी कार्रवाई की गई है, जिन पर निगरानी और जांच में ढिलाई बरतने का आरोप है।
राज्य सरकार ने इस घटना को गंभीर मानते हुए सख्त रुख अपनाया है और स्पष्ट किया है कि दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं।
फिलहाल CID टीम पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि नकली शराब का यह नेटवर्क कितने बड़े स्तर पर फैला हुआ था और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही है।