Maharashtra महाराष्ट्र: कृषि राज्य मंत्री एडवोकेट आशीष जायसवाल ने गुरुवार को लेजिस्लेटिव काउंसिल को जानकारी दी कि राज्य सरकार ने संभावित एल नीनो प्रभाव को ध्यान में रखते हुए खरीफ सीजन के लिए व्यापक और अग्रिम तैयारियां पूरी कर ली हैं। सरकार का उद्देश्य किसानों को किसी भी संभावित कठिनाई से बचाना है और कृषि इनपुट्स की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करना है।

मंत्री ने सदन में बताया कि राज्य में खाद, बीज, फसल ऋण, ईंधन और सिंचाई पानी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पहले से ही सभी आवश्यक कदम उठाए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि खरीफ सीजन के दौरान किसानों को किसी प्रकार की कमी का सामना न करना पड़े, इसके लिए प्रशासन स्तर पर विस्तृत योजना तैयार की गई है।

यह जवाब MLC सदाभाऊ खोत द्वारा लाए गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के दौरान दिया गया। इस अवसर पर विधायकों बच्चू कडू, संजय खोडके और डॉ. प्रज्ञा सातव ने भी इस विषय पर पूरक प्रश्न उठाए, जिनका मंत्री ने विस्तार से उत्तर दिया।

मंत्री जायसवाल ने कहा कि राज्य सरकार ने सभी जिलों में खरीफ सीजन की तैयारियों का आकलन करने के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठकें आयोजित की हैं। इन बैठकों में कृषि विभाग, जिला प्रशासन और संबंधित एजेंसियों की तैयारियों की गहन समीक्षा की गई ताकि किसी भी स्थिति में किसानों को नुकसान न हो।

सरकार का कहना है कि संभावित एल नीनो परिस्थितियों के कारण मौसम में अनिश्चितता बढ़ सकती है, जिससे कृषि उत्पादन प्रभावित होने का खतरा रहता है। इसी को ध्यान में रखते हुए राज्य ने पहले से ही आपात और वैकल्पिक योजनाएं तैयार कर ली हैं।

मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने केंद्र सरकार के साथ मिलकर कृषि इनपुट्स की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए समन्वय स्थापित किया है। इसके तहत बीज, उर्वरक और अन्य आवश्यक संसाधनों की सप्लाई पर विशेष निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी क्षेत्र में कमी न हो।

उन्होंने यह भी जानकारी दी कि महाराष्ट्र में इस बार जरूरत से अधिक बीजों का भंडारण किया गया है। साथ ही रासायनिक खाद का पर्याप्त स्टॉक भी उपलब्ध रखा गया है, जिससे किसानों को समय पर आवश्यक सामग्री मिल सके।

सरकार का कहना है कि यह तैयारी इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि खरीफ सीजन राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था के लिए बेहद अहम होता है और इस दौरान किसी भी प्रकार की बाधा सीधे किसानों की आय और उत्पादन को प्रभावित कर सकती है।

मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि फसल ऋण वितरण प्रक्रिया को भी आसान और तेज बनाया गया है ताकि किसानों को समय पर वित्तीय सहायता मिल सके। इसके साथ ही ईंधन और सिंचाई व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि खेती के कामों में कोई रुकावट न आए।

विभागीय अधिकारियों के अनुसार, जिला स्तर पर निगरानी तंत्र को मजबूत किया गया है और हर जिले में खरीफ तैयारियों की नियमित समीक्षा की जा रही है। इससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि किसी भी प्रकार की कमी या समस्या को तुरंत हल किया जा सके।

सरकार का दावा है कि इस व्यापक तैयारी के चलते इस साल खरीफ सीजन में किसानों को बेहतर सहायता मिलेगी और संभावित जलवायु चुनौतियों के बावजूद कृषि उत्पादन पर बड़ा असर नहीं पड़ेगा।

कुल मिलाकर, महाराष्ट्र सरकार ने एल नीनो के संभावित प्रभाव को देखते हुए पहले से ही व्यापक रणनीति तैयार कर ली है, जिसमें खाद, बीज, ऋण और अन्य कृषि संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया है, ताकि किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

Tags: