Maharashtra महाराष्ट्र: महाराष्ट्र में विभाग से जुड़े हालिया विवादों के बीच वरिष्ठ IAS अधिकारी तुकाराम मुंडे को खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) का नया कमिश्नर नियुक्त किया गया है। इनमें एक मंत्री के कार्यालय के कर्मचारियों पर रिश्वत लेने के आरोप और एक मंत्री से जुड़े कथित आपत्तिजनक वीडियो क्लिप के प्रसार जैसे मामले शामिल हैं, जिनके चलते प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई थी।

राज्य के सामान्य प्रशासन विभाग ने मंगलवार को जारी आदेशों में तुकाराम मुंडे सहित कुल छह IAS अधिकारियों के तबादले किए। इस फेरबदल को प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार और विभागीय कार्यप्रणाली को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

तुकाराम मुंडे इससे पहले कुछ सप्ताह पहले आपदा प्रबंधन विभाग में तबादले के बाद नई पोस्टिंग की प्रतीक्षा कर रहे थे। उनके करियर में यह एक और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है, जिसमें उन्हें खाद्य सुरक्षा, दवा नियंत्रण और उपभोक्ता स्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण मामलों की निगरानी करनी होगी।

मुंडे पहले दिव्यांग कल्याण विभाग में कार्यरत थे, जहां उनके कार्यकाल के दौरान उन्होंने नकली विकलांगता प्रमाण पत्रों के खिलाफ एक सख्त अभियान चलाया था। उस अभियान में उन लोगों पर कार्रवाई की गई थी, जिन पर कथित तौर पर फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर सरकारी लाभ लेने का आरोप था।

उनकी कार्यशैली को लेकर प्रशासनिक हलकों में अक्सर सख्त और नियम-आधारित दृष्टिकोण की चर्चा होती रही है। इसीलिए FDA जैसे संवेदनशील विभाग में उनकी नियुक्ति को एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जहां खाद्य और औषधि सुरक्षा से जुड़े कई गंभीर मुद्दों पर निगरानी रखनी होती है।

विभागीय सूत्रों के अनुसार, हालिया विवादों के बीच इस नियुक्ति का उद्देश्य प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ाना भी हो सकता है। FDA का काम राज्य में खाद्य उत्पादों, दवाओं और स्वास्थ्य मानकों की निगरानी करना होता है, जो सीधे जनता के स्वास्थ्य से जुड़ा हुआ क्षेत्र है।

सरकारी आदेश के बाद अब सभी की नजर इस बात पर है कि मुंडे अपने नए कार्यभार में किस तरह की प्राथमिकताएं तय करते हैं और विभाग में चल रहे मौजूदा मामलों को कैसे संभालते हैं।

कुल मिलाकर, महाराष्ट्र में हुए इस प्रशासनिक फेरबदल ने एक बार फिर वरिष्ठ IAS अधिकारियों की भूमिका और विभागीय सुधारों को लेकर चर्चा को तेज कर दिया है।

Tags: