लोहागढ़ किला हत्याकांड: CM देवेंद्र फडणवीस ने पीड़ित के पिता से मुलाकात की

Update: 2026-06-26 11:30 GMT

मुंबई: पुणे के रियल एस्टेट बिज़नेसमैन केतन अग्रवाल की हत्या के मामले में महाराष्ट्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। घटना के एक सप्ताह से अधिक समय बाद सरकार ने इस केस की सुनवाई फास्ट-ट्रैक कोर्ट में कराने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही भाजपा के राज्यसभा सदस्य और वरिष्ठ वकील उज्ज्वल निकम को इस मामले में विशेष लोक अभियोजक (स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर) नियुक्त किया गया है।

मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, उज्ज्वल निकम ने ट्रायल कोर्ट में पुणे ग्रामीण पुलिस की ओर से केस की पैरवी करने के लिए अपनी सहमति दे दी है। सरकार का मानना है कि इस हाई-प्रोफाइल हत्या मामले में तेजी से न्याय सुनिश्चित करने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट सबसे उपयुक्त माध्यम होगा।

यह मामला तब सामने आया जब केतन अग्रवाल की हत्या को लेकर जांच में यह खुलासा हुआ कि उनकी मंगेतर सिया गोयल और उसके बॉयफ्रेंड चेतन चौधरी ने मिलकर उन्हें लोनावला हिल स्टेशन स्थित लोहागढ़ किले से धक्का देकर नीचे गिराया था। इस घटना ने पूरे राज्य में सनसनी फैला दी थी और मामला तेजी से गंभीर रूप लेता चला गया।

पुलिस जांच के अनुसार, दोनों आरोपियों ने पूछताछ के दौरान अपराध स्वीकार किया है, हालांकि वे एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालने की कोशिश कर रहे हैं। इस कारण जांच एजेंसियों को घटनाक्रम को स्पष्ट रूप से स्थापित करने में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।

घटना के बाद से ही पुलिस ने सिया गोयल और चेतन चौधरी को हिरासत में ले रखा है और उनसे लगातार पूछताछ जारी है। इसके साथ ही उनके परिवार के सदस्यों से भी जानकारी जुटाई जा रही है, ताकि पूरे मामले की साजिश और पृष्ठभूमि को समझा जा सके।

सरकारी स्तर पर लिए गए इस नए फैसले के बाद अब इस मामले की सुनवाई तेजी से आगे बढ़ने की उम्मीद है। उज्ज्वल निकम जैसे अनुभवी वकील की नियुक्ति को सरकार ने इस केस की मजबूती और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की दिशा में अहम कदम बताया है।

निकम पहले भी कई हाई-प्रोफाइल मामलों में अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी कर चुके हैं और उनकी नियुक्ति से केस की कानूनी प्रक्रिया को मजबूती मिलने की संभावना जताई जा रही है।

मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, इस मामले को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। फास्ट-ट्रैक कोर्ट में सुनवाई से न केवल न्याय प्रक्रिया में तेजी आएगी बल्कि पीड़ित परिवार को भी जल्द न्याय मिलने की उम्मीद है।

केतन अग्रवाल की हत्या की यह घटना 18 जून को लोहागढ़ किले पर हुई थी, जब उन्हें कथित रूप से उनकी मंगेतर और उसके प्रेमी ने धक्का देकर नीचे गिरा दिया था। प्रारंभिक जांच में इसे दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की गई थी, लेकिन बाद में पुलिस जांच में हत्या की साजिश का खुलासा हुआ।

इस घटना ने न केवल पुणे बल्कि पूरे महाराष्ट्र में व्यापक चर्चा को जन्म दिया है। एक युवा बिज़नेसमैन की इस तरह हत्या और उसमें उसके करीबी रिश्तों की भूमिका ने लोगों को झकझोर दिया है।

पुलिस फिलहाल डिजिटल साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज और फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर मामले को मजबूत कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि सभी साक्ष्यों को अदालत में प्रभावी तरीके से प्रस्तुत किया जाएगा ताकि आरोपियों को सजा दिलाई जा सके।

इस बीच, पीड़ित परिवार ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि फास्ट-ट्रैक कोर्ट में जल्द सुनवाई से उन्हें न्याय मिलेगा।

फिलहाल सिया गोयल और चेतन चौधरी पुलिस हिरासत में हैं और जांच एजेंसियां मामले की हर परत को खंगालने में जुटी हुई हैं। आने वाले दिनों में इस हाई-प्रोफाइल केस में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

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