Pune पुणे। महाराष्ट्र के पुणे में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के दौरान एक महिला ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के सामने छात्रों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। महिला ने बताया कि वह तेज बुखार के बावजूद कार्यक्रम में पहुंची है और उसका उद्देश्य केवल अपनी नहीं बल्कि देशभर के आदिवासी छात्रों की समस्याओं को सामने रखना है। कार्यक्रम के दौरान महिला ने राहुल गांधी से बातचीत करते हुए कहा कि उसे सुबह से तेज बुखार था, लेकिन वह पुणे के मांजरी इलाके से आई है, जहां पिछले 10 दिनों से छात्र अपनी मांगों को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे हैं। उसने कहा कि वहां उसके कई भाई-बहन शिक्षा से जुड़े अधिकारों और सुविधाओं की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं।
महिला ने कहा कि उनकी सबसे बड़ी मांग शिक्षा को लेकर है। उन्होंने राहुल गांधी से कहा कि यह केवल किसी एक व्यक्ति या एक छात्र की समस्या नहीं है, बल्कि यह महाराष्ट्र समेत पूरे देश के आदिवासी छात्रों से जुड़ा मुद्दा है। महिला ने कार्यक्रम में मराठी भाषा में अपनी बात रखने की इच्छा भी जताई। उसने कहा कि वह मराठी में अपनी बात इसलिए रखना चाहती है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि यह केवल निशा की चिंता नहीं है, बल्कि सभी आदिवासी विद्यार्थियों और पूरे समाज की चिंता है।
कार्यक्रम में छात्र हितों, शिक्षा व्यवस्था और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई। इस दौरान छात्रों और युवाओं ने अपनी समस्याओं और मांगों को सामने रखा। आदिवासी छात्रों ने शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर सुविधाएं, समान अवसर और आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता जैसे विषयों पर ध्यान आकर्षित किया। महिला ने भूख हड़ताल कर रहे छात्रों का जिक्र करते हुए कहा कि लंबे समय से आंदोलन जारी रहने के बावजूद उनकी मांगों पर ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने छात्रों की आवाज को सरकार और संबंधित संस्थानों तक पहुंचाने की अपील की।
‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को युवाओं और विद्यार्थियों से संवाद के मंच के रूप में आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में शिक्षा, रोजगार और छात्रों के अधिकारों से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा हुई। राहुल गांधी के सामने उठाए गए इस मुद्दे के बाद आदिवासी छात्रों की शिक्षा संबंधी समस्याएं एक बार फिर चर्चा में आ गई हैं। छात्रों का कहना है कि शिक्षा तक बेहतर पहुंच और सुविधाएं मिलने से उनके भविष्य को नई दिशा मिल सकती है। फिलहाल मांजरी में चल रहे भूख हड़ताल और छात्रों की मांगों को लेकर आगे की स्थिति पर सभी की नजर बनी हुई है।
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