Mumbai मुंबई: भारत में ईरान के सर्वोच्च नेता के उप-प्रतिनिधि Mohammad Hossein Ziyaeenia ने क्षेत्रीय तनाव और हालिया सैन्य घटनाक्रम को लेकर ईरान का पक्ष सामने रखा। मुंबई में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि संबंधित कार्रवाई ईरान द्वारा शुरू किया गया हमला नहीं था, बल्कि यह एक जवाबी प्रतिक्रिया थी। जियाईनिया ने कहा, “यह हमला हमारी ओर से शुरू नहीं किया गया था। हमारी भूमि पर उस ठिकाने से हमला किया गया था, इसलिए हमने उसका जवाब दिया। यह पहली बार नहीं है जब हमने ऐसी कार्रवाई के जवाब में प्रतिक्रिया दी हो।”
उन्होंने संकेत दिया कि ईरान अपनी सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने को अपना अधिकार मानता है। उनके अनुसार, ईरान की कार्रवाई को आक्रामक कदम के बजाय आत्मरक्षा के दृष्टिकोण से देखा जाना चाहिए। इस बयान के जरिए उन्होंने उन आरोपों का जवाब देने की कोशिश की, जिनमें ईरान पर क्षेत्रीय तनाव बढ़ाने का आरोप लगाया जाता रहा है। जियाईनिया इससे पहले भी कई मौकों पर यह कह चुके हैं कि ईरान किसी संघर्ष की शुरुआत करने में विश्वास नहीं रखता, लेकिन यदि उसकी संप्रभुता या सुरक्षा को चुनौती दी जाती है तो वह उसका जवाब देने में सक्षम है।
उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब पश्चिम एशिया में सुरक्षा स्थिति और क्षेत्रीय तनाव को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार चर्चा हो रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने के लिए सभी पक्षों के बीच संवाद और कूटनीतिक प्रयासों की आवश्यकता है। फिलहाल ईरान की ओर से आए इस बयान को क्षेत्रीय घटनाक्रम और सुरक्षा परिदृश्य के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।