Maharashtra महाराष्ट्र: विधानसभा के डिप्टी स्पीकर अन्ना बनसोडे ने पिंपरी-चिंचवड़ में उपमुख्यमंत्री अजीत पवार की विरासत और योगदान को संजोने के उद्देश्य से ‘अजीतसृष्टि’ नामक स्मारक और पर्यटन परियोजना विकसित करने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही उन्होंने आरक्षित भूमि पर महाराष्ट्र औद्योगिक विकास निगम (MIDC) द्वारा कथित रूप से की जा रही प्लॉटिंग गतिविधियों को तत्काल रोकने के आदेश भी जारी किए हैं।
यह निर्देश विधान भवन में डिप्टी स्पीकर के कार्यालय में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक के दौरान दिए गए। इस बैठक में पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगम (PCMC), MIDC और अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। बैठक में क्षेत्रीय विकास योजनाओं और भूमि उपयोग से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
डिप्टी स्पीकर अन्ना बनसोडे ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ‘अजीतसृष्टि’ परियोजना को तेजी से आगे बढ़ाया जाए, ताकि इसे एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा सके। उनका कहना था कि यह परियोजना न केवल क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देगी, बल्कि स्थानीय पर्यटन को भी नई दिशा देगी।
जानकारी के अनुसार, पिंपरी-चिंचवड़ विकास योजना के तहत चिंचवड़ क्षेत्र में आरक्षण संख्या 301 को पहले ही पर्यटन केंद्र के रूप में चिह्नित किया गया है। यह आरक्षण मौजूदा और संशोधित दोनों विकास योजनाओं में शामिल है और वर्तमान में यह भूमि नगर निगम के नियंत्रण में है।
बैठक में अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया कि इस आरक्षित भूमि से जुड़ी सभी प्रक्रियाओं को नियमों के अनुसार आगे बढ़ाया जाए और किसी भी प्रकार की अनियमित गतिविधि पर तुरंत रोक लगाई जाए। इसी क्रम में MIDC द्वारा कथित रूप से की जा रही प्लॉटिंग गतिविधियों को तुरंत रोकने के निर्देश दिए गए।
अधिकारियों ने बैठक में बताया कि भूमि उपयोग और विकास योजनाओं से जुड़े मामलों में सभी विभागों के बीच समन्वय आवश्यक है, ताकि किसी प्रकार की कानूनी या प्रशासनिक जटिलता उत्पन्न न हो। इस पर डिप्टी स्पीकर ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में पारदर्शिता और नियमों का पालन सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
प्रस्तावित ‘अजीतसृष्टि’ परियोजना को लेकर कहा गया है कि इसे एक बहुआयामी पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जा सकता है, जिसमें सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और सामाजिक पहलुओं को शामिल किया जाएगा। इस परियोजना के माध्यम से स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।
बैठक में PCMC और MIDC के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी अपने-अपने विभागों की स्थिति और चल रही परियोजनाओं की जानकारी प्रस्तुत की। भूमि से संबंधित रिकॉर्ड और आरक्षण स्थिति की समीक्षा की गई, ताकि आगे की प्रक्रिया को सुचारु रूप से आगे बढ़ाया जा सके।
डिप्टी स्पीकर अन्ना बनसोडे ने कहा कि विकास योजनाओं का उद्देश्य केवल संरचनात्मक निर्माण नहीं, बल्कि क्षेत्र के समग्र विकास को सुनिश्चित करना होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि किसी भी परियोजना में जनता के हित और दीर्घकालिक विकास को प्राथमिकता दी जाए।
इस बैठक के बाद संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि वे प्रस्तावित परियोजना पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करें और आगे की कार्रवाई जल्द से जल्द शुरू करें। साथ ही, आरक्षित भूमि पर किसी भी प्रकार की अनधिकृत गतिविधि को रोकने के लिए सख्त निगरानी रखने को भी कहा गया है।
इस पहल को पिंपरी-चिंचवड़ क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण विकास योजना के रूप में देखा जा रहा है, जिससे न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि क्षेत्रीय विकास की गति भी तेज होने की उम्मीद है।