पुणे। महाराष्ट्र के पुणे जिले के पिंपरी-चिंचवड शहर में एक नाबालिग लड़की के साथ छेड़छाड़ की कोशिश का गंभीर मामला सामने आया है। निगड़ी इलाके के एक शिव मंदिर में पूजा करने पहुंची लड़की को आरोपी ने उस समय निशाना बनाने की कोशिश की, जब वह दर्शन करने के बाद मंदिर से बाहर निकलने की तैयारी कर रही थी। आरोपी ने कथित तौर पर लड़की का हाथ पकड़कर उसके साथ जबरदस्ती करने का प्रयास किया। हालांकि, लड़की ने हिम्मत दिखाते हुए उसका विरोध किया और खुद को छुड़ा लिया। पूरी घटना मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों में आक्रोश फैल गया।
यह घटना शनिवार, 10 अक्टूबर 2026 की सुबह करीब 11 बजकर 7 मिनट की है। पुलिस ने आरोपी की पहचान विशाल सिंह के रूप में की है। वह मेट्रो निर्माण परियोजना में ठेके पर काम करने वाला मजदूर बताया गया है। निगड़ी पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ छेड़छाड़ और पॉक्सो अधिनियम के संबंधित प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया है।
पूजा करने पहुंची थी नाबालिग लड़की
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 10 अक्टूबर की सुबह नाबालिग लड़की निगड़ी इलाके के एक शिव मंदिर में दर्शन और पूजा करने पहुंची थी।मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरे में वह पूजा करती दिखाई देती है। पूजा पूरी करने के बाद लड़की बाहर निकलने की तैयारी कर रही थी।इसी दौरान एक युवक मंदिर के अंदर पहुंचा। आरोपी ने नारंगी रंग की जैकेट पहन रखी थी।बताया गया है कि युवक ने लड़की को मंदिर में अकेला देखकर उसके पास जाने का प्रयास किया।इसके बाद जो घटना हुई, वह मंदिर में लगे सुरक्षा कैमरे में रिकॉर्ड हो गई।
आरोपी ने पकड़ लिया लड़की का हाथ
सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, युवक मंदिर में प्रवेश करने के बाद नाबालिग लड़की के पास पहुंचा।आरोप है कि उसने अचानक लड़की का हाथ पकड़ लिया और उसके साथ अनुचित हरकत करने का प्रयास किया।अचानक हुई इस घटना से लड़की घबरा गई, लेकिन उसने आरोपी का विरोध किया।कुछ क्षण तक संघर्ष करने के बाद वह खुद को युवक की पकड़ से छुड़ाने में सफल रही।
इसके बाद आरोपी वहां से निकलता दिखाई देता है।पुलिस ने वीडियो और उपलब्ध जानकारी के आधार पर मामले में कार्रवाई की है।सीसीटीवी फुटेज वायरल होने से आक्रोशमंदिर में हुई इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी फैल गई।लोगों ने धार्मिक स्थल के अंदर नाबालिग लड़की को निशाना बनाए जाने पर चिंता व्यक्त की।
वीडियो में दिखाई देने वाली घटना ने मंदिरों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं तथा बच्चों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े किए हैं।कई लोगों ने आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की।हालांकि, नाबालिग की पहचान और उससे जुड़ी व्यक्तिगत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
मेट्रो निर्माण कार्य से जुड़ा है आरोपी
पुलिस के अनुसार, आरोपी विशाल सिंह पिंपरी-चिंचवड इलाके में मेट्रो निर्माण कार्य से जुड़ा एक संविदा मजदूर है।वह निर्माण स्थल पर काम करता था और घटना के समय काम से संबंधित कपड़े पहने हुए था।प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, आरोपी ने मंदिर के अंदर लड़की के साथ कथित तौर पर छेड़छाड़ करने की कोशिश की।उसकी गिरफ्तारी के बाद पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है।हालांकि, आरोपी मंदिर तक कैसे पहुंचा और क्या उसने पहले से लड़की का पीछा किया था, इस संबंध में कोई पुष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
निगड़ी पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार
घटना की जानकारी मिलने के बाद निगड़ी थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी विशाल सिंह को गिरफ्तार कर लिया।वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक महेश बंसोडे के अनुसार, घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की।आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।पुलिस अब घटना की परिस्थितियों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर रही है।सीसीटीवी फुटेज जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
पॉक्सो अधिनियम के तहत दर्ज हुआ मामला
नाबालिग लड़की के साथ कथित यौन दुर्व्यवहार की कोशिश के कारण पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पॉक्सो अधिनियम के संबंधित प्रावधान भी लगाए हैं।पॉक्सो यानी लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम बच्चों को यौन अपराधों से सुरक्षा प्रदान करने के लिए बनाया गया है।इस कानून के तहत 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों के मामलों में विशेष कानूनी प्रावधान लागू होते हैं।इसमें पीड़ित बच्चे की पहचान गोपनीय रखना भी महत्वपूर्ण है।फिलहाल पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपों की अंतिम कानूनी पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगी।
लड़की ने दिखाई हिम्मत
सीसीटीवी फुटेज में नाबालिग लड़की आरोपी के कथित प्रयास का विरोध करती दिखाई देती है।अचानक हुई घटना के बावजूद उसने खुद को आरोपी की पकड़ से छुड़ाने की कोशिश की और सफल रही।इस घटना के बाद बच्चों की सुरक्षा तथा किसी भी अनुचित व्यवहार की स्थिति में तत्काल मदद लेने के महत्व पर चर्चा हो रही है।हालांकि, ऐसी घटनाओं को रोकने की जिम्मेदारी बच्चों पर नहीं, बल्कि अपराध रोकने और सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने वाली व्यवस्थाओं पर होती है।
धार्मिक स्थलों की सुरक्षा पर उठे सवाल
निगड़ी के शिव मंदिर में हुई घटना ने सार्वजनिक धार्मिक स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ाई है।मंदिरों में प्रतिदिन बड़ी संख्या में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं।ऐसे स्थानों पर सुरक्षा कैमरे, पर्याप्त रोशनी और जरूरत के अनुसार जिम्मेदार कर्मचारियों की मौजूदगी महत्वपूर्ण हो सकती है।इस मामले में मंदिर के अंदर लगा सीसीटीवी कैमरा घटना को रिकॉर्ड करने में उपयोगी साबित हुआ।लेकिन केवल कैमरे लगाना पर्याप्त नहीं है। किसी भी आपराधिक घटना की सूचना मिलने पर समय रहते सहायता और कार्रवाई की व्यवस्था भी जरूरी है।
बच्चों की पहचान गोपनीय रखना जरूरी
इस घटना से संबंधित वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हुआ है।ऐसे मामलों में नाबालिग पीड़ित की पहचान जाहिर करने वाली तस्वीरें, वीडियो या अन्य विवरण साझा करने से बचना आवश्यक है।किसी बच्चे की पहचान उजागर होने से उसकी निजता और सुरक्षा प्रभावित हो सकती है।इसलिए घटना की जानकारी देते समय पीड़ित की व्यक्तिगत पहचान गोपनीय रखना महत्वपूर्ण है।सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं को भी ऐसी संवेदनशील सामग्री साझा करते समय कानूनी और नैतिक जिम्मेदारियों का ध्यान रखना चाहिए।
पुलिस जांच में सामने आएंगे अन्य तथ्य
निगड़ी पुलिस ने आरोपी विशाल सिंह को गिरफ्तार कर लिया है और मामले में जांच जारी है।घटना के दौरान की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग, संबंधित व्यक्तियों के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी।फिलहाल आरोपी के खिलाफ दर्ज मामले की जांच जारी है।
पुणे के पिंपरी-चिंचवड में हुई इस घटना ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा की है। मंदिर जैसे सार्वजनिक स्थान पर नाबालिग लड़की के साथ कथित छेड़छाड़ की कोशिश सामने आने के बाद स्थानीय लोगों ने कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
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