Maharashtra महाराष्ट्र: पुणे ग्रामीण पुलिस ने 25 वर्षीय केतन अग्रवाल की हत्या के मामले की जांच के तहत रविवार को लोहागढ़ किले में क्राइम सीन का रीक्रिएशन किया। इस दौरान मामले की आरोपी सिया गोयल को भी मौके पर ले जाया गया, ताकि घटना के समय की परिस्थितियों और घटनाक्रम को विस्तार से समझा जा सके।

पुलिस का यह कदम जांच को मजबूत करने और घटनाओं की कड़ी को स्पष्ट करने के उद्देश्य से उठाया गया है। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर पूरे घटनाक्रम को दोबारा समझने की कोशिश की, जिससे यह पता लगाया जा सके कि घटना किस तरह से हुई और किन परिस्थितियों में केतन अग्रवाल की मौत हुई।

पुणे ग्रामीण पुलिस के एसपी संदीप सिंह गिल ने बताया कि रीक्रिएशन के दौरान एक डमी का भी उपयोग किया गया, ताकि वास्तविक परिस्थितियों को अधिक सटीक तरीके से समझा जा सके। उन्होंने कहा कि जांच टीम ने यह देखा कि घटना के दौरान आरोपी और पीड़ित कहां बैठे थे, उन्होंने किन रास्तों का उपयोग किया और घटनाक्रम किस क्रम में आगे बढ़ा।

एसपी गिल के अनुसार, इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य आरोपी द्वारा दिए गए बयान की पुष्टि करना और घटनाओं के क्रम को वैज्ञानिक तरीके से समझना है। उन्होंने बताया कि पुलिस हर छोटी जानकारी को जोड़कर मामले की पूरी कड़ी तैयार करने की कोशिश कर रही है।




जांच अधिकारियों का कहना है कि लोहागढ़ किले का यह इलाका घटना के समय की परिस्थितियों को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इसलिए पुलिस ने यहां जाकर घटनाक्रम का पुनर्निर्माण किया, ताकि किसी भी तरह की अस्पष्टता को दूर किया जा सके।

पुलिस टीम ने मौके पर आरोपी से विस्तार से पूछताछ भी की और उसके बयान के आधार पर घटनास्थल पर विभिन्न बिंदुओं को चिह्नित किया गया। अधिकारियों का मानना है कि इस रीक्रिएशन से जांच को नई दिशा मिल सकती है और मामले में महत्वपूर्ण सबूत सामने आ सकते हैं।



फिलहाल पुलिस सभी तकनीकी और फॉरेंसिक पहलुओं को भी जांच में शामिल कर रही है, ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने लाई जा सके। आरोपी की भूमिका और घटना की वास्तविक परिस्थितियों की पुष्टि के लिए आगे भी कई जांच प्रक्रियाएं अपनाई जा सकती हैं।

कुल मिलाकर, इस क्राइम सीन रीक्रिएशन को पुलिस जांच में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे केतन अग्रवाल हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

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