सिंहस्थ से पहले नासिक में हरियाली अभियान

Update: 2026-08-03 10:45 GMT

नासिक : आगामी सिंहस्थ कुंभ मेले की तैयारियों के बीच नासिक में बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे से जुड़े विकास कार्य किए जा रहे हैं। इन परियोजनाओं के साथ पर्यावरण संतुलन बनाए रखना भी प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल हो गया है। इसी क्रम में महाराष्ट्र सरकार ने वृक्षारोपण और पेड़ों के संरक्षण पर विशेष जोर दिया है।

महाराष्ट्र के जल संसाधन, आपदा प्रबंधन और कुंभ मेला मंत्री गिरीश महाजन ने कहा कि विकास कार्यों के साथ पर्यावरण संरक्षण भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि केवल पेड़ लगाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि लगाए गए पौधों को जीवित रखने और उनकी देखभाल करने की जिम्मेदारी भी सभी को निभानी होगी।

गिरीश महाजन महाराष्ट्र यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (MUHS) में आयोजित वृक्षारोपण कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज की सबसे बड़ी जरूरतों में से एक है और इसमें समाज के हर वर्ग की भागीदारी जरूरी है।

उन्होंने विशेष रूप से युवाओं और छात्रों से अपील की कि वे पर्यावरण संरक्षण अभियानों में सक्रिय रूप से भाग लें। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को हरित भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी। पेड़-पौधे केवल प्रकृति की सुंदरता बढ़ाने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि वे जलवायु संतुलन, स्वच्छ हवा और बेहतर जीवन के लिए आवश्यक हैं।

मंत्री ने कहा कि सिंहस्थ कुंभ जैसे बड़े धार्मिक और सामाजिक आयोजन के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और लोगों की आवाजाही होती है। ऐसे में शहर के पर्यावरण पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। इसलिए विकास कार्यों के साथ हरियाली बढ़ाना और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करना जरूरी है।

उन्होंने कहा कि नासिक में कुंभ मेले को ध्यान में रखते हुए कई इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाएं चल रही हैं। इन परियोजनाओं के दौरान पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने के लिए वृक्षारोपण और पेड़ों के संरक्षण पर ध्यान दिया जा रहा है।

कार्यक्रम में नासिक की मेयर हिमगौरी आडके-आहेर, जिला कलेक्टर आयुष प्रसाद, MUHS के रजिस्ट्रार डॉ. राजेंद्र बंगाल, मैनेजमेंट काउंसिल के सदस्य डॉ. मिलिंद आवरे समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में पौधे लगाए गए और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। अधिकारियों और उपस्थित लोगों ने लगाए गए पौधों की देखभाल का संकल्प भी लिया।

मंत्री गिरीश महाजन ने कहा कि वृक्षारोपण अभियान तभी सफल माना जाएगा जब लगाए गए पौधे लंबे समय तक सुरक्षित रहें और बड़े होकर पर्यावरण को लाभ पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि अक्सर पौधे लगाने के बाद उनकी देखभाल पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जाता, जिससे कई पौधे नष्ट हो जाते हैं। इसलिए पौधों के संरक्षण की जिम्मेदारी तय करना जरूरी है।

उन्होंने कहा कि स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में पर्यावरण जागरूकता को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। छात्रों को प्रकृति संरक्षण से जोड़ने के लिए विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जानी चाहिए ताकि उनमें पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित हो।

विशेषज्ञों के अनुसार, तेजी से हो रहे शहरीकरण और निर्माण कार्यों के बीच हरित क्षेत्र को बनाए रखना बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। ऐसे में वृक्षारोपण और पर्यावरण संरक्षण के प्रयास शहरों के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं।

नासिक में सिंहस्थ कुंभ मेले को लेकर प्रशासन की ओर से कई योजनाओं पर काम किया जा रहा है। सड़क, परिवहन, जल प्रबंधन और अन्य सुविधाओं के विकास के साथ-साथ पर्यावरणीय पहलुओं पर भी ध्यान दिया जा रहा है।

अधिकारियों का कहना है कि आने वाले समय में नासिक में और अधिक वृक्षारोपण अभियान चलाए जाएंगे। साथ ही लगाए गए पौधों की निगरानी और संरक्षण के लिए व्यवस्था तैयार की जाएगी।

कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के हर व्यक्ति का दायित्व है। यदि लोग अपने आसपास पेड़ों की देखभाल करें तो इसका सकारात्मक असर आने वाली पीढ़ियों पर पड़ेगा।

सिंहस्थ कुंभ जैसे बड़े आयोजन से पहले नासिक में विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की जा रही है। प्रशासन का लक्ष्य है कि शहर में बेहतर सुविधाओं के साथ हरियाली भी बनी रहे और आने वाले वर्षों में नासिक एक स्वच्छ और पर्यावरण अनुकूल शहर के रूप में विकसित हो।

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