मुंबई: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने NCERT के इतिहास पाठ्यक्रम को लेकर पिछली UPA सरकार पर निशाना साधा है। भाजपा महाराष्ट्र राज्य कार्यकारिणी की बैठक को संबोधित करते हुए फडणवीस ने आरोप लगाया कि UPA शासनकाल के दौरान स्कूली पाठ्यपुस्तकों में ऐतिहासिक हस्तियों को चुनिंदा तरीके से स्थान दिया गया।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उस समय NCERT की किताबों में मुगल काल को अधिक जगह दी गई, जबकि छत्रपति शिवाजी महाराज जैसे महान योद्धाओं और मराठा इतिहास को अपेक्षित महत्व नहीं मिला। उन्होंने कहा कि इतिहास को संतुलित तरीके से प्रस्तुत किया जाना चाहिए, ताकि नई पीढ़ी देश के सभी महत्वपूर्ण व्यक्तित्वों और घटनाओं से परिचित हो सके।
मुगल इतिहास और शिवाजी महाराज को लेकर उठाए सवाल
देवेंद्र फडणवीस ने अपने संबोधन में दावा किया कि UPA सरकार के कार्यकाल में NCERT की पाठ्यपुस्तकों में मुगलों के इतिहास को 13 पन्नों तक जगह दी गई थी, जबकि छत्रपति शिवाजी महाराज के योगदान को कथित तौर पर केवल एक पैराग्राफ तक सीमित कर दिया गया था।
उन्होंने कहा कि शिवाजी महाराज ने स्वराज्य की स्थापना, प्रशासनिक व्यवस्था और सैन्य रणनीति के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया, लेकिन स्कूली पाठ्यक्रम में उन्हें पर्याप्त स्थान नहीं मिला।
इतिहास को लेकर भाजपा का रुख
भाजपा लंबे समय से इतिहास लेखन और पाठ्यक्रम में बदलाव की मांग करती रही है। पार्टी नेताओं का कहना है कि भारतीय इतिहास में सभी प्रमुख शासकों, स्वतंत्रता सेनानियों और सामाजिक सुधारकों को उचित स्थान मिलना चाहिए।
फडणवीस ने कहा कि इतिहास केवल कुछ चुनिंदा घटनाओं या व्यक्तियों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि इसमें भारत की विविध विरासत और योगदान को शामिल किया जाना चाहिए।
नई पीढ़ी तक सही जानकारी पहुंचाने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों को ऐसा इतिहास पढ़ाया जाना चाहिए, जिससे उनमें देश के प्रति गर्व की भावना पैदा हो। उन्होंने कहा कि पाठ्यक्रम में बदलाव का उद्देश्य किसी के योगदान को कम करना नहीं, बल्कि सभी महत्वपूर्ण पहलुओं को संतुलित रूप से सामने लाना होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों को भारत के गौरवशाली इतिहास, सांस्कृतिक विरासत और महान व्यक्तित्वों के बारे में सही जानकारी मिलनी चाहिए।
भाजपा कार्यकारिणी बैठक में बोले फडणवीस
फडणवीस ने यह बयान भाजपा महाराष्ट्र राज्य कार्यकारिणी की बैठक के दौरान दिया। बैठक में पार्टी की आगामी रणनीति, संगठन विस्तार और राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए केंद्र और राज्य सरकार की उपलब्धियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भाजपा विकास और सांस्कृतिक विरासत दोनों मुद्दों को लेकर जनता के बीच काम कर रही है।
UPA सरकार पर पहले भी लगते रहे हैं आरोप
इतिहास के पाठ्यक्रम को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बहस पहले भी होती रही है। भाजपा नेताओं का आरोप रहा है कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकारों के दौरान इतिहास लेखन में कुछ पक्षों को अधिक महत्व दिया गया।
वहीं, कांग्रेस लगातार इन आरोपों को खारिज करती रही है और कहती रही है कि इतिहास तथ्यों और शोध के आधार पर लिखा जाता है, न कि राजनीतिक दृष्टिकोण से।
महाराष्ट्र में बढ़ा राजनीतिक मुद्दा
फडणवीस के बयान के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में इतिहास और पाठ्यक्रम को लेकर नई बहस शुरू हो सकती है। छत्रपति शिवाजी महाराज महाराष्ट्र की राजनीति और समाज में बेहद सम्मानित स्थान रखते हैं।
राज्य में शिवाजी महाराज से जुड़े मुद्दे अक्सर राजनीतिक चर्चा का केंद्र बनते रहे हैं। ऐसे में NCERT के इतिहास पाठ्यक्रम को लेकर दिया गया बयान भी राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इतिहास लेखन पर जारी बहस
देश में इतिहास पढ़ाने के तरीके और पाठ्यक्रम में शामिल विषयों को लेकर समय-समय पर बहस होती रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इतिहास का अध्ययन व्यापक दृष्टिकोण के साथ किया जाना चाहिए, जिसमें विभिन्न कालखंडों और व्यक्तित्वों का संतुलित वर्णन हो।
फिलहाल मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के बयान के बाद NCERT इतिहास पाठ्यक्रम को लेकर राजनीतिक बहस तेज होने के संकेत हैं। भाजपा जहां इसे ऐतिहासिक संतुलन का मुद्दा बता रही है, वहीं विपक्ष इस पर अपनी प्रतिक्रिया दे सकता है।