भंडारा। महाराष्ट्र के भंडारा जिले में शुक्रवार तड़के हुए भीषण सड़क हादसे में तीन बच्चों समेत आठ लोगों की मौत हो गई। हादसा लखनी तालुका में मानेगांव और पिंपलगांव के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग पर सुबह करीब चार बजे हुआ। यहां छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से नागपुर की ओर जा रही एक बोलेरो गाड़ी की आइशर ट्रक से जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बोलेरो बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
पुलिस के अनुसार, दुर्घटना में बोलेरो सवार पांच वयस्कों और तीन बच्चों की जान चली गई। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और आपातकालीन सहायता दल मौके पर पहुंचे। क्षतिग्रस्त वाहन में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए बचाव अभियान चलाया गया। सभी को जांच के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मौके पर मौजूद एक अधिकारी ने बताया कि बोलेरो गाड़ी की आइशर ट्रक से टक्कर हुई थी। वाहन में कुल आठ लोग सवार थे और हादसे में किसी की जान नहीं बच सकी। मृतकों में तीन बच्चे शामिल होने के कारण घटना और भी दर्दनाक बन गई। पुलिस मृतकों की पहचान करने और उनके परिजनों तक सूचना पहुंचाने की प्रक्रिया में जुटी है।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, बोलेरो में सवार लोग रायपुर से नेशनल हाईवे-53 के रास्ते नागपुर की ओर जा रहे थे। यात्रा के दौरान जब उनका वाहन भंडारा जिले के लखनी तालुका में मानेगांव और पिंपलगांव के बीच पहुंचा, तभी उसकी ट्रक से टक्कर हो गई। घटना के समय सुबह का अंधेरा था और मार्ग पर वाहनों की आवाजाही अपेक्षाकृत कम थी।
टक्कर की आवाज सुनकर आसपास मौजूद लोग घटनास्थल की ओर दौड़े। उन्होंने क्षतिग्रस्त वाहन में फंसे लोगों को देखकर पुलिस और एम्बुलेंस सेवा को इसकी सूचना दी। बोलेरो का अगला हिस्सा बुरी तरह दब जाने के कारण उसमें सवार लोगों को बाहर निकालने में काफी कठिनाई हुई। राहत दल ने स्थानीय लोगों की मदद से बचाव कार्य पूरा किया।
दुर्घटना के बाद मार्ग पर कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित हुआ। सड़क पर दुर्घटनाग्रस्त वाहन खड़े होने और बचाव अभियान चलने के कारण वाहनों की कतार लग गई। पुलिस ने दोनों वाहनों को हटवाकर रास्ते को सामान्य कराया। घटना से संबंधित साक्ष्य जुटाने के साथ दुर्घटनाग्रस्त वाहनों का निरीक्षण भी कराया जा रहा है।
पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ। दुर्घटना के समय दोनों वाहनों की गति कितनी थी, बोलेरो और ट्रक में से किसी चालक ने अचानक दिशा बदली थी या नहीं तथा वाहन में कोई तकनीकी खराबी तो नहीं थी, इन सभी बिंदुओं की जांच की जा रही है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों और प्रत्यक्षदर्शियों के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
अधिकारियों ने अभी दुर्घटना के निश्चित कारण की घोषणा नहीं की है। इसलिए तेज रफ्तार, चालक को नींद आने या गलत दिशा में वाहन चलाने जैसे किसी भी संभावित कारण की पुष्टि नहीं हुई है। विस्तृत जांच और तकनीकी निरीक्षण के बाद ही हादसे की वास्तविक वजह स्पष्ट होने की उम्मीद है।
मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए सरकारी अस्पताल भेजा गया। पोस्टमार्टम और आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंपे जाएंगे। मृतकों के रायपुर अथवा छत्तीसगढ़ के अन्य क्षेत्रों से संबंधित होने की जानकारी की पुष्टि के लिए महाराष्ट्र पुलिस संबंधित थानों और प्रशासनिक अधिकारियों से संपर्क कर रही है।
हादसे की सूचना मिलने के बाद मृतकों के परिवारों में मातम पसर गया। तीन बच्चों सहित एक साथ आठ लोगों की मौत ने सभी को झकझोर दिया है। परिवार के सदस्य घटनास्थल और अस्पताल के लिए रवाना हुए। प्रशासन की ओर से उन्हें आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने की तैयारी की गई है।
नेशनल हाईवे-53 रायपुर को नागपुर सहित महाराष्ट्र के कई प्रमुख शहरों से जोड़ता है। इस मार्ग पर यात्री वाहनों के साथ भारी मालवाहक वाहनों का भी नियमित आवागमन होता है। रात और तड़के लंबी दूरी तय करने वाले चालकों के लिए कम दृश्यता, थकान और तेज गति गंभीर खतरा बन सकती है। हालांकि, भंडारा की इस घटना के लिए इनमें से कौन-सा कारण जिम्मेदार रहा, इसका पता जांच के बाद ही चल पाएगा।
सड़क सुरक्षा विशेषज्ञ लगातार यह सलाह देते हैं कि लंबी दूरी की यात्रा के दौरान चालक नियमित अंतराल पर आराम करें और वाहन की निर्धारित गति सीमा का पालन करें। बच्चों के साथ यात्रा करने वाले परिवारों को सीट बेल्ट और अन्य सुरक्षा उपायों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। भारी वाहनों के चालकों को भी रात और तड़के के समय अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत होती है।
घटना को लेकर मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। ट्रक चालक और वाहन से संबंधित दस्तावेजों की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस दुर्घटनास्थल का नक्शा तैयार करने के साथ दोनों वाहनों की दिशा और टक्कर की स्थिति का विश्लेषण करेगी। जरूरत पड़ने पर परिवहन विभाग के विशेषज्ञों की मदद भी ली जा सकती है।
इस भीषण हादसे ने एक बार फिर राष्ट्रीय राजमार्गों पर सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कुछ ही सेकंड में तीन बच्चों समेत आठ लोगों की जिंदगी खत्म हो गई। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता मृतकों की पहचान पूरी करने, परिजनों को सूचना देने और हादसे के सही कारणों का पता लगाने की है।