पुणे। महाराष्ट्र में सूखे की स्थिति को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की सांसद सुप्रिया सुले ने शनिवार को राज्य में सूखे के हालात को बेहद चिंताजनक बताया। उन्होंने राज्य सरकार पर विपक्ष के सुझावों पर प्रतिक्रिया नहीं देने और किसानों से किए गए वादों को पूरा नहीं करने का आरोप लगाया। वहीं, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि सूखा प्रभावित किसानों को अग्रिम वित्तीय सहायता के रूप में 5,000 रुपये दिए गए हैं।पुणे में पत्रकारों से बातचीत के दौरान सुप्रिया सुले ने कहा कि सूखे की स्थिति से निपटने के लिए सरकार को गंभीरता से कदम उठाने की जरूरत है। उनके मुताबिक, किसानों की समस्याओं को देखते हुए विपक्ष सरकार के साथ मिलकर काम करने के लिए तैयार है, लेकिन इस दिशा में सरकार की ओर से अपेक्षित प्रतिक्रिया नहीं मिली है।
शरद पवार ने मुख्यमंत्री को लिखे दो पत्र
सुप्रिया सुले ने बताया कि एनसीपी (शरदचंद्र पवार) के प्रमुख शरद पवार ने सूखे की स्थिति को लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को दो पत्र लिखे हैं। इन पत्रों में किसानों की समस्याओं से निपटने के लिए कई सुझाव दिए गए हैं। सुले के मुताबिक, उनकी पार्टी सूखे के मुद्दे पर राजनीति नहीं करना चाहती और किसानों को राहत दिलाने के लिए सरकार के साथ मिलकर काम करने को तैयार है।उन्होंने कहा कि विपक्ष की ओर से सुझाव दिए जाने के बावजूद सरकार की तरफ से कोई जवाब नहीं आया है और न ही उनके अनुसार प्रस्तावित उपायों को प्रभावी ढंग से लागू किया गया है। सुले ने सरकार से आग्रह किया कि किसानों की समस्याओं को प्राथमिकता देते हुए राहत योजनाओं पर तेजी से काम किया जाए।
सूखा प्रभावित किसानों को 5,000 रुपये देने की घोषणा
महाराष्ट्र में सूखे के हालात के बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने प्रभावित किसानों को दिवाली से पहले 5,000 रुपये की अग्रिम आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। यह राशि किसानों को तत्काल राहत देने के उद्देश्य से दी जानी है, जबकि सूखा राहत की विस्तृत प्रक्रिया और केंद्रीय सहायता से संबंधित औपचारिकताओं में अधिक समय लग सकता है।रिपोर्टों के अनुसार, राज्य में सूखा प्रभावित तालुकों की संख्या बढ़ाकर 305 कर दी गई है। यह संख्या महाराष्ट्र के कुल 358 तालुकों में से है। इससे सूखे का प्रभाव राज्य के बड़े हिस्से में होने का संकेत मिलता है। हालांकि, सहायता की पात्रता और भुगतान की प्रक्रिया से संबंधित विस्तृत जानकारी सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुसार तय होगी।
किसानों के लिए अधिक सहायता की मांग
सूखे के मुद्दे पर सुप्रिया सुले की आपत्ति केवल सहायता की घोषणा तक सीमित नहीं है। उनकी पार्टी की ओर से किसानों को प्रति हेक्टेयर एक लाख रुपये तक की सहायता देने की मांग भी उठाई गई है। सुले का कहना है कि किसानों को फसल के नुकसान और आर्थिक संकट से उबारने के लिए अधिक ठोस मदद की जरूरत है।किसानों के सामने फसल उत्पादन प्रभावित होने, खेती की लागत निकालने और आगामी कृषि गतिविधियों के लिए संसाधन जुटाने जैसी चुनौतियां हो सकती हैं। ऐसे में राहत राशि के साथ-साथ पानी की उपलब्धता, कृषि सहायता और कर्ज से जुड़ी समस्याओं पर भी ध्यान देना जरूरी है।
सरकार और विपक्ष के बीच संवाद की जरूरत
महाराष्ट्र में सूखे को लेकर सामने आए इस घटनाक्रम में किसानों को राहत पहुंचाने के उपाय और सरकार की प्रतिक्रिया प्रमुख मुद्दे बने हुए हैं। मुख्यमंत्री फडणवीस ने जहां 5,000 रुपये की अग्रिम सहायता की घोषणा की है, वहीं सुप्रिया सुले और उनकी पार्टी का कहना है कि किसानों की जरूरतों के अनुरूप अधिक सहायता और प्रभावी योजनाओं की आवश्यकता है।सुले ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी सूखे का राजनीतिकरण करने के बजाय सरकार के साथ काम करने के लिए तैयार है। अब महत्वपूर्ण यह होगा कि किसानों तक घोषित सहायता कब और किस प्रक्रिया के तहत पहुंचती है तथा सूखे से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।