सरकार का मुस्लिम समुदाय का 5% आरक्षण रद्द करने पर Congress नेता भाई जगताप ने जताया विरोध
Mumbai मुंबई: कांग्रेस नेता भाई जगताप ने महाराष्ट्र सरकार द्वारा मुस्लिम समुदाय के लिए नौकरियों और शिक्षा क्षेत्र में 5% आरक्षण रद्द करने के निर्णय की तीव्र आलोचना की है। उन्होंने इसे “बहुत दुर्भाग्यपूर्ण” बताया और सवाल उठाया कि क्या सरकार वास्तव में बच्चों को शिक्षा के अवसर देने में गंभीर है।
भाई जगताप ने कहा कि शिक्षा में अल्पसंख्यकों को 5% आरक्षण कोर्ट द्वारा सुनिश्चित किया गया था। इस निर्णय के तहत जब कांग्रेस सरकार सत्ता में थी, तब इसे लेकर सरकारी आदेश (GR) जारी किया गया था। उन्होंने सवाल किया कि वर्तमान सरकार इन अधिकारों और आरक्षण को रद्द क्यों कर रही है। उनका कहना था कि यह कदम समाज के कमजोर वर्गों के हितों के खिलाफ है और शिक्षा के समान अवसरों को बाधित करता है।
उन्होंने आगे कहा कि 2014 के बाद देश में 90,000 स्कूल बंद हो चुके हैं, और यह आंकड़ा खुद सरकार के डेटा पर आधारित है। भाई जगताप ने चेतावनी दी कि यदि सरकार इसी तरह शिक्षा और रोजगार के अवसरों को सीमित करती रही, तो इससे बच्चों और युवाओं का भविष्य प्रभावित होगा।
कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि सरकार का यह निर्णय न केवल अल्पसंख्यक समुदाय के लिए हानिकारक है, बल्कि यह पूरे समाज में असमानता बढ़ाने का काम करेगा। उन्होंने सरकार से मांग की कि वह शिक्षा और रोजगार में समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए अपने कदमों पर पुनर्विचार करे और अल्पसंख्यक समुदाय के अधिकारों की रक्षा करे। भाई जगताप के बयान के माध्यम से कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि अल्पसंख्यक समुदाय के शिक्षा और रोजगार संबंधी अधिकारों के उल्लंघन को पार्टी कतई स्वीकार नहीं करेगी और इस मुद्दे को जनता के बीच उठाने का काम करेगी।