मुंबई। महाराष्ट्र में विधान परिषद की शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की पांच सीटों पर होने वाले चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने रविवार को अपने तीन उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए। पार्टी ने पुणे डिवीजन स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से स्मिता जाधव, नागपुर डिवीजन स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से सुधाकर कोहले और पुणे डिवीजन शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से कौस्तुभ गावड़े को मैदान में उतारा है। इन पांच सीटों के लिए 23 अक्टूबर 2026 को मतदान होगा, जबकि मतगणना 27 अक्टूबर को निर्धारित है।

भाजपा के उम्मीदवारों की घोषणा के साथ ही चुनावी तैयारियों में तेजी आने की उम्मीद है। इन सीटों पर लंबे समय से राजनीतिक दलों के बीच उम्मीदवारों के चयन और सीट बंटवारे को लेकर चर्चा चल रही थी। सत्तारूढ़ महायुति ने पांच सीटों के लिए सीट साझा करने का फार्मूला भी तय किया है, जिसके तहत भाजपा तीन सीटों पर चुनाव लड़ रही है।

BJP ने इन तीन सीटों पर उतारे उम्मीदवार

भाजपा ने स्मिता जाधव को पुणे डिवीजन स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया है। वहीं सुधाकर कोहले नागपुर डिवीजन स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से पार्टी के प्रत्याशी होंगे। पुणे डिवीजन शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से कौस्तुभ गावड़े को टिकट दिया गया है। पार्टी की केंद्रीय स्तर की मंजूरी के बाद इन नामों की घोषणा की गई।

उम्मीदवारों की घोषणा ऐसे समय हुई है जब नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख नजदीक है। चुनाव कार्यक्रम के अनुसार 6 अक्टूबर तक नामांकन दाखिल किए जा सकते हैं। 7 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी, जबकि 9 अक्टूबर तक उम्मीदवार नाम वापस ले सकते हैं। इसके बाद चुनाव मैदान में रहने वाले प्रत्याशियों की अंतिम स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।

पांच सीटों पर होगा चुनाव

महाराष्ट्र विधान परिषद की जिन पांच सीटों पर चुनाव होने हैं, उनमें तीन स्नातक और दो शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। इनमें औरंगाबाद डिवीजन स्नातक, पुणे डिवीजन स्नातक, नागपुर डिवीजन स्नातक, पुणे डिवीजन शिक्षक और अमरावती डिवीजन शिक्षक सीट शामिल हैं। मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल 6 दिसंबर 2026 को समाप्त हो रहा है, जिसके कारण ये द्विवार्षिक चुनाव कराए जा रहे हैं।

चुनाव आयोग के कार्यक्रम के अनुसार मतदान 23 अक्टूबर को सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक होगा। इसके बाद 27 अक्टूबर को मतगणना की जाएगी। चुनाव प्रक्रिया 31 अक्टूबर तक पूरी कर ली जाएगी।

महायुति में सीटों का बंटवारा

इन चुनावों के लिए सत्तारूढ़ महायुति ने 3:1:1 के फार्मूले के तहत सीटों का बंटवारा किया है। भाजपा तीन सीटों पर चुनाव लड़ रही है, जबकि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) को छत्रपति संभाजीनगर स्नातक सीट और शिवसेना को अमरावती शिक्षक सीट दी गई है।

भाजपा के महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण ने बताया था कि पार्टी ने अपने हिस्से की तीन सीटों के लिए संभावित नामों पर विचार किया था। इसके बाद अंतिम चयन केंद्रीय नेतृत्व के स्तर पर किया गया।

स्नातक और शिक्षक मतदाताओं की भूमिका

विधान परिषद की स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की चुनाव प्रक्रिया सामान्य विधानसभा चुनावों से अलग होती है। इन सीटों पर संबंधित वर्ग के पंजीकृत मतदाता मतदान करते हैं। इसलिए उम्मीदवारों के सामने अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्र में शिक्षकों और स्नातकों के बीच व्यापक संपर्क अभियान चलाने की चुनौती होगी।

स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में उच्च शिक्षा प्राप्त मतदाता चुनाव का हिस्सा बनते हैं, जबकि शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में पात्र शिक्षक मतदाता मतदान करते हैं। ऐसे में रोजगार, शिक्षा, विश्वविद्यालयों, शिक्षकों से जुड़े मुद्दे, सेवा शर्तें और शिक्षा व्यवस्था जैसे विषय प्रचार अभियान में प्रमुख हो सकते हैं।

महाराष्ट्र की राजनीति में चुनाव का महत्व

विधान परिषद की इन पांच सीटों के परिणाम राज्य की राजनीतिक तस्वीर पर असर डाल सकते हैं। भाजपा के तीन उम्मीदवारों की घोषणा के बाद अब विपक्षी दलों की ओर से उम्मीदवारों की अंतिम स्थिति भी महत्वपूर्ण हो जाएगी। फिलहाल महाविकास आघाड़ी के घटक दलों के बीच सीट बंटवारे को लेकर पूरी तरह सहमति नहीं बनने की खबरें सामने आई हैं।

कांग्रेस ने अमरावती शिक्षक, नागपुर स्नातक और पुणे शिक्षक सीटों में रुचि दिखाई है, जबकि शिवसेना (UBT) और NCP (SP) की ओर से भी अलग-अलग सीटों पर दावेदारी सामने आई है। हालांकि अंतिम तस्वीर नामांकन और नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

मतदाता सूची को लेकर भी सवाल

पुणे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची को लेकर हाल में एक अलग मामला भी चर्चा में आया था। एक मतदाता का नाम मराठी संस्करण में गलत तरीके से दर्ज होने की जानकारी सामने आई थी, जबकि अंग्रेजी रिकॉर्ड में नाम सही था। अधिकारियों ने इसे स्वचालित अनुवाद से जुड़ी त्रुटि बताया और सुधार प्रक्रिया शुरू किए जाने की जानकारी दी।

यह घटनाक्रम बताता है कि इन निर्वाचन क्षेत्रों में मतदाता सूची की शुद्धता भी चुनाव प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है। शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में मतदाता सूची का दायरा विशेष वर्ग तक सीमित होने के कारण नामांकन और पंजीकरण संबंधी रिकॉर्ड का महत्व और बढ़ जाता है।

भाजपा के सामने संगठन मजबूत करने की चुनौती

भाजपा के लिए तीन सीटों पर उम्मीदवार घोषित करने के बाद अब अगला चरण संगठनात्मक स्तर पर चुनाव अभियान को मजबूत करना होगा। पार्टी को अपने उम्मीदवारों के पक्ष में स्नातक और शिक्षक मतदाताओं तक पहुंच बनाने के लिए अभियान तेज करना होगा। स्थानीय संगठन की भूमिका भी इसमें महत्वपूर्ण रहेगी।

पुणे और नागपुर जैसे क्षेत्रों में बड़ी संख्या में उच्च शिक्षित मतदाता और शिक्षक समुदाय मौजूद हैं। इन निर्वाचन क्षेत्रों में उम्मीदवारों की व्यक्तिगत पहचान, शैक्षणिक और सामाजिक मुद्दों पर पकड़ तथा स्थानीय संगठन का संपर्क चुनावी अभियान में अहम भूमिका निभा सकता है।

नामांकन के बाद साफ होगी तस्वीर

भाजपा ने अपने उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं, लेकिन अभी चुनावी मैदान की अंतिम तस्वीर सामने नहीं आई है। नामांकन की अंतिम तारीख 6 अक्टूबर है। इसके बाद नामांकन पत्रों की जांच होगी और 9 अक्टूबर तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। ऐसे में मुकाबले में कितने उम्मीदवार रहेंगे, यह उसी समय स्पष्ट होगा।

23 अक्टूबर को मतदान के बाद 27 अक्टूबर को परिणाम घोषित किए जाएंगे। पांचों सीटों के नतीजे यह बताएंगे कि शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में किस राजनीतिक दल के उम्मीदवारों को मतदाताओं का समर्थन मिला।

इन चुनावों को लेकर राजनीतिक दलों की तैयारियां भी तेज होने लगी हैं। उम्मीदवारों की घोषणा के साथ अब स्थानीय स्तर पर बैठकों, संपर्क अभियानों और मतदाता संवाद का दौर बढ़ने की संभावना है।

भाजपा ने महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव के लिए तीन उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं। पुणे डिवीजन स्नातक से स्मिता जाधव, नागपुर डिवीजन स्नातक से सुधाकर कोहले और पुणे डिवीजन शिक्षक सीट से कौस्तुभ गावड़े चुनाव लड़ेंगे। महाराष्ट्र में शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की कुल पांच सीटों पर 23 अक्टूबर को मतदान होगा और 27 अक्टूबर को मतगणना की जाएगी। महायुति में भाजपा को तीन सीटें मिली हैं, जबकि एनसीपी और शिवसेना एक-एक सीट पर चुनाव लड़ेंगी। अब नामांकन और नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद चुनावी मुकाबले की अंतिम तस्वीर सामने आएगी।

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