Auto Union ने परमिट बैन के फ़ैसले की कड़ी आलोचना की

Update: 2026-03-14 13:51 GMT

Nagpur नागपुर: राज्य सरकार एक तरफ तो कल्याण बोर्ड का 'गाजर' दिखाकर लुभाने का दोहरा खेल खेल रही है, और दूसरी तरफ परमिट पर रोक लगाकर रिक्शा चालकों के पेट पर लात मार रही है। यह गंभीर आरोप ऑटो-रिक्शा चालकों और मालिकों के संगठन 'संयुक्त कार्य समिति' (Joint Action Committee) ने लगाया है। समिति के महासचिव विलास भालेकर ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में चेतावनी दी कि यदि ट्रैफिक जाम और प्रदूषण के बहाने नए परमिट पर लगाई गई रोक को तत्काल वापस नहीं लिया गया, तो पूरे राज्य में एक जोरदार आंदोलन शुरू किया जाएगा।

भालेकर ने कहा कि परिवहन मंत्री द्वारा परमिट पर रोक लगाने का लिया गया यह फैसला ऑटो-रिक्शा चालकों के लिए 'मौत का फरमान' साबित होगा। प्रदूषण और ट्रैफिक जाम के लिए केवल ऑटो-रिक्शा को ही जिम्मेदार ठहराना गलत है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि ई-रिक्शा को अनुमति दी जाती है, तो क्या वे ट्रैफिक में बाधा नहीं डालेंगे? भालेकर ने कहा कि इस फैसले ने हजारों शिक्षित बेरोजगार युवाओं के लिए रोजगार का संकट खड़ा कर दिया है।

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