महाराष्ट्र में मतदाता सूची विसंगतियों पर चुनाव आयोग से मिलने का ऐलान किया
Maharashtra महाराष्ट्र। शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने महाराष्ट्र में मतदाता सूची में विसंगतियों को लेकर गंभीर बयान दिया है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से उन्होंने लोकसभा नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के नेतृत्व में दिल्ली में भारत के चुनाव आयोग का दौरा किया था, उसी तरह महाराष्ट्र में भी सभी राजनीतिक दल, शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे, मनसे प्रमुख राज ठाकरे, कांग्रेस नेता और NCP-SCP प्रमुख शरद पवार अधिकारियों से मिलकर मतदाता सूची में पाई जा रही विसंगतियों को उनके ध्यान में लाएंगे। संजय राउत ने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल मतदाता सूची में गड़बड़ी करके चुनाव जीतने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा, "वे मैच फिक्सिंग करते हैं और फिर चुनाव लड़ते हैं। यह लोकतंत्र के लिए गंभीर चुनौती है।" उन्होंने जोर देकर कहा कि सभी दलों और अधिकारियों को मिलकर सुनिश्चित करना चाहिए कि मतदाता सूची निष्पक्ष, पारदर्शी और सभी नागरिकों के अधिकारों के अनुरूप हो।
शिवसेना (UBT) सांसद ने यह भी बताया कि महाराष्ट्र में मतदाता सूची में कई विसंगतियाँ सामने आई हैं, जिनमें कुछ लोगों के नाम गायब होना या गलत विवरण होना शामिल है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में नागरिकों की आवाज को सुनना और सही करना चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता के लिए जरूरी है। राउत ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे व्यक्तिगत या पार्टीगत हितों से ऊपर उठकर मतदाता सूची की पारदर्शिता सुनिश्चित करें। उनका कहना था कि केवल एक निष्पक्ष और सही मतदाता सूची ही लोकतंत्र को मजबूत बना सकती है और नागरिकों का विश्वास बढ़ा सकती है। इस अवसर पर उन्होंने यह भी कहा कि महाराष्ट्र के चुनाव आयोग को इस मामले में तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से आग्रह किया कि सभी नागरिकों के मतदाता विवरण की पूरी जांच की जाए और किसी भी तरह की गड़बड़ी को समय रहते सुधारा जाए।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची में संभावित विसंगतियों को उजागर करने और सुधारने के उद्देश्य से उठाया गया है। संजय राउत का यह बयान शिवसेना (UBT) की सक्रियता और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इस बयान के बाद महाराष्ट्र में राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। विपक्ष और अन्य दलों की प्रतिक्रियाओं का इंतजार है। वहीं, निर्वाचन आयोग ने भी कहा कि वह सभी शिकायतों की गंभीरता से जांच करेगा और मतदाता सूची को निष्पक्ष बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाएगा।