Kalyan में 12 वर्षीय बच्ची का अपहरण-हत्या: FIR में बलात्कार, पोक्सो के आरोप जोड़े गए
Thane ठाणे: ठाणे पुलिस ने गुरुवार को जिले के कल्याण से 12 वर्षीय लड़की के अपहरण और हत्या के मामले में दर्ज प्राथमिकी में बलात्कार का अपराध भी जोड़ दिया। अधिकारियों ने बताया कि मुख्य आरोपी विशाल गवली का पहले भी आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। उसे महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले की पुलिस ने बुधवार को गिरफ्तार किया था। पुलिस उपायुक्त अतुल जेंडे ने बताया कि कल्याण जिला एवं सत्र न्यायालय के न्यायाधीश वी ए पात्रावाले ने उसे 2 जनवरी तक पुलिस हिरासत में भेज दिया। हालांकि पहले पुलिस ने कहा था कि हत्या के पीछे का मकसद पता नहीं चल पाया है, लेकिन गुरुवार को बलात्कार का अपराध और यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (POCSO) के तहत संबंधित धाराओं को प्राथमिकी में जोड़ दिया गया। पुलिस ने लड़की के अपहरण और हत्या के मामले में विशाल गवली की पत्नी साक्षी और एक अन्य व्यक्ति को पहले ही गिरफ्तार कर लिया है। लड़की का शव उसके लापता होने के एक दिन बाद मंगलवार को उसके गृहनगर कल्याण के पास एक गांव में मिला था। कल्याण कोर्ट ने गुरुवार को साक्षी गवली की पुलिस रिमांड भी 2 जनवरी तक बढ़ा दी।
पुलिस ने पहले कहा था कि विशाल गवली ने कथित तौर पर अपनी पत्नी की मदद से लड़की का अपहरण किया और कल्याण के चक्की नाका इलाके में उसकी हत्या कर दी, लेकिन अधिक जानकारी नहीं दी।इसके बाद कथित तौर पर दंपति शव को ऑटोरिक्शा में लेकर कल्याण-पद्घा रोड पर बापगांव गए और वहां फेंक दिया।पुलिस से बचने के लिए वह बुलढाणा के शेगांव भाग गया। अधिकारियों के अनुसार, उसे स्थानीय पुलिस की एक टीम ने उस समय पकड़ा, जब वह अपनी पहचान छिपाने के लिए दाढ़ी मुंडवाने के बाद सैलून से बाहर निकल रहा था। पुलिस के एक अधिकारी ने पहले कहा था कि वे पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं और अगर बलात्कार की पुष्टि होती है, तो संबंधित कानूनी धाराएं जोड़ी जाएंगी। उन्होंने कहा कि अपराध में इस्तेमाल ऑटोरिक्शा को पुलिस ने जब्त कर लिया है।
विशाल कल्याण तहसील के कोलसेवाड़ी का निवासी है। बैंक में काम करने वाली साक्षी गवली उसकी तीसरी पत्नी है।लड़की को कथित तौर पर सोमवार दोपहर को कोलसेवाड़ी से उस समय अगवा किया गया था, जब वह अपने घर के बाहर खेल रही थी। मंगलवार सुबह उसका शव ठाणे जिले के भिवंडी के पास बापगांव में मिला।पुलिस उपायुक्त (अपराध) अमरसिंह जाधव ने संवाददाताओं को बताया कि वरिष्ठ अधिकारी जांच पर कड़ी नजर रख रहे हैं और पुलिस यह सुनिश्चित करेगी कि आरोपी को अधिकतम संभव सजा मिले।
उन्होंने कहा कि विशेष लोक अभियोजक नियुक्त करने के लिए कदम उठाए गए हैं और पुलिस फास्ट-ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाने की मांग करेगी।उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद आरोपी के खिलाफ बलात्कार और पोक्सो अधिनियम के तहत अपराध के अतिरिक्त आरोप जोड़े गए हैं।एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता की धारा 137(2) (अपहरण), 140(1) (हत्या या फिरौती के लिए अपहरण या अपहरण, आदि), 65(2) (कुछ मामलों में बलात्कार), 66 (पीड़िता की मृत्यु या उसे अचेत अवस्था में पहुंचाना), 103 (हत्या) और 238 (साक्ष्य मिटाना) के साथ-साथ पोक्सो अपराध भी शामिल हैं।