ग्वालियर में धार्मिक वीडियो देखने पर खूनी विवाद, पति ने पत्नी पर तलवार से किए ताबड़तोड़ वार
ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर से घरेलू हिंसा का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां मोबाइल पर धार्मिक वीडियो देखने को लेकर पति-पत्नी के बीच शुरू हुआ मामूली विवाद इतना बढ़ गया कि पति ने अपनी ही पत्नी पर तलवार से जानलेवा हमला कर दिया। घटना हजीरा थाना क्षेत्र के बड़ागेट कांचमिल इलाके की है। आरोप है कि पत्नी मोबाइल पर भगवान श्रीराम का वीडियो देख रही थी, जबकि पति उससे भगवान महाकाल का वीडियो लगाने की जिद कर रहा था। इसी बात पर दोनों के बीच कहासुनी हुई और विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। गुस्साए पति ने घर के मंदिर में रखी तलवार उठाकर पत्नी के सिर, गर्दन और घुटने पर कई वार कर दिए। गंभीर रूप से घायल महिला ने पड़ोसी के घर में छिपकर अपनी जान बचाई। उसे जयारोग्य अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने आरोपी पति के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।
भगवान श्रीराम का वीडियो देख रही थी पत्नी, पति ने महाकाल की रील लगाने को कहा
जानकारी के अनुसार, घटना सोमवार, 26 अक्टूबर की रात करीब 11 बजे की है। हजीरा थाना क्षेत्र के बड़ागेट कांचमिल इलाके में रहने वाली 38 वर्षीय रेवती उर्फ रीतू तोमर अपने बच्चों के साथ मोबाइल पर भगवान श्रीराम से जुड़ा वीडियो देख रही थीं।
इसी दौरान उनका पति करनवीर सिंह उर्फ करू तोमर घर पहुंचा। बताया जा रहा है कि पत्नी को श्रीराम का वीडियो देखते ही उसने भगवान महाकाल का वीडियो लगाने के लिए कहा।
महिला ने पति की बात नहीं मानी, जिसके बाद दोनों के बीच बहस शुरू हो गई। शुरुआत में मामला सामान्य कहासुनी तक सीमित था, लेकिन कुछ ही देर में विवाद बढ़ गया।
महिला के अनुसार, पति के व्यवहार से परेशान होकर उसने कह दिया कि वह उसके साथ नहीं रह सकती। इसी बात पर पति और अधिक नाराज हो गया। आरोप है कि इसके बाद उसने पत्नी को जान से मारने की धमकी दी।
घर के मंदिर से तलवार उठाकर पत्नी पर किया हमला
पीड़िता ने पुलिस को बताया कि विवाद बढ़ने के बाद पति घर के मंदिर में रखी पूजा की तलवार उठा लाया।
आरोप है कि उसने बिना कुछ सोचे-समझे पत्नी पर तलवार से हमला शुरू कर दिया। महिला ने बचने की कोशिश की, लेकिन तलवार के वार से उसके सिर, गर्दन और घुटने पर गंभीर चोटें आईं।
अचानक हुए हमले से घर में अफरा-तफरी मच गई। घटना के दौरान महिला का बड़ा बेटा और उसकी सास भी घर में मौजूद थे।
महिला का कहना है कि उसने किसी तरह पति से बचकर घर से बाहर निकलने की कोशिश की। गंभीर चोटों और खून बहने के बावजूद वह पड़ोस के घर तक पहुंचने में सफल रही।
पड़ोसी के घर में छिपकर बचाई अपनी जान
पति के हमले से घायल रीतू तोमर किसी तरह पड़ोसी के घर में घुस गईं। वहां पहुंचकर उन्होंने दरवाजा बंद कर लिया, जिससे आरोपी दोबारा उन पर हमला नहीं कर सका।
महिला की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग भी मौके पर पहुंच गए। पड़ोसियों ने महिला की हालत देखी तो तत्काल मदद के लिए आगे आए।
इसके बाद घायल महिला को अस्पताल पहुंचाया गया और पुलिस को घटना की सूचना दी गई।
पड़ोसियों की समय पर मिली सहायता के कारण महिला को तत्काल इलाज मिल सका। घटना के बाद क्षेत्र में भय और चिंता का माहौल बन गया।
जयारोग्य अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में इलाज जारी
हमले में गंभीर रूप से घायल रीतू तोमर को ग्वालियर के जयारोग्य अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया।
बताया जा रहा है कि तलवार के हमले से महिला के सिर, गर्दन और घुटने पर चोटें आई हैं। अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में उनका उपचार जारी है।
घटना की सूचना मिलने के बाद हजीरा थाना पुलिस अस्पताल पहुंची और घायल महिला से घटना के संबंध में जानकारी ली।
महिला ने पुलिस को बताया कि पति के साथ धार्मिक वीडियो देखने को लेकर विवाद हुआ था। इसी दौरान पति ने तलवार से हमला कर दिया।
पुलिस महिला की मेडिकल रिपोर्ट और बयान के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ा रही है।
आरोपी पति के खिलाफ हत्या के प्रयास का केस दर्ज
हजीरा थाना पुलिस ने घायल महिला की शिकायत के आधार पर आरोपी पति करनवीर सिंह उर्फ करू तोमर के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया है।
पुलिस के अनुसार, वारदात के बाद आरोपी पति मौके से फरार हो गया। उसकी गिरफ्तारी के लिए तलाश की जा रही है।
पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि पति-पत्नी के बीच पहले से कोई घरेलू विवाद चल रहा था या फिर धार्मिक वीडियो देखने को लेकर ही अचानक झगड़ा हुआ।
इसके साथ ही हमले में इस्तेमाल की गई तलवार और घटना से जुड़े अन्य साक्ष्यों की जांच भी महत्वपूर्ण होगी।
फिलहाल पुलिस आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी हुई है।
धार्मिक आस्था नहीं, हिंसक व्यवहार बना गंभीर सवाल
इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पति-पत्नी के बीच भगवान श्रीराम और भगवान महाकाल से जुड़े वीडियो देखने को लेकर विवाद हुआ था। दोनों ही हिंदू धर्म में पूजनीय हैं, लेकिन मोबाइल पर अपनी पसंद का वीडियो देखने जैसा सामान्य मतभेद कथित तौर पर जानलेवा हमले में बदल गया।
घटना से यह भी स्पष्ट होता है कि घरेलू विवाद के दौरान गुस्से और हिंसक व्यवहार के कितने गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
किसी व्यक्ति को अपनी धार्मिक आस्था और पसंद के अनुसार वीडियो देखने की स्वतंत्रता है। ऐसे में किसी दूसरे व्यक्ति पर अपनी पसंद थोपने के लिए धमकी देना या हिंसा करना कानूनन अपराध है।
विशेषज्ञों के अनुसार, पारिवारिक मतभेदों को बातचीत और आपसी समझ से सुलझाना जरूरी है। हिंसा से न केवल परिवार के सदस्यों की सुरक्षा खतरे में पड़ती है, बल्कि बच्चों पर भी इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
बच्चों के सामने हुई घटना ने बढ़ाई चिंता
इस मामले का एक चिंताजनक पहलू यह भी है कि घटना के समय महिला अपने बच्चों के साथ घर में मौजूद थी।
ऐसे में घर के अंदर अचानक हुई हिंसा बच्चों के मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती है।
घरेलू हिंसा के मामलों में अक्सर परिवार के अन्य सदस्य भी भय और असुरक्षा का सामना करते हैं। इसलिए ऐसी घटनाओं में पीड़ित व्यक्ति को तत्काल चिकित्सा सहायता के साथ सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण है।
यदि किसी परिवार में लगातार मारपीट या जान से मारने की धमकियां दी जा रही हों, तो इसकी जानकारी पुलिस या संबंधित महिला सहायता सेवाओं को देना आवश्यक है।
आरोपी की गिरफ्तारी के बाद सामने आ सकती है पूरी सच्चाई
ग्वालियर पुलिस अब आरोपी पति की गिरफ्तारी पर ध्यान केंद्रित कर रही है। पुलिस को उम्मीद है कि उसकी गिरफ्तारी और पूछताछ के बाद घटना के पीछे की परिस्थितियों को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
जांच में यह भी सामने आ सकता है कि दोनों के बीच पहले से कोई तनाव था या विवाद अचानक हिंसक हो गया।
फिलहाल महिला अस्पताल में उपचाराधीन है और पुलिस कार्रवाई जारी है। ग्वालियर की यह घटना घरेलू हिंसा की गंभीरता को सामने लाती है, जहां मोबाइल पर धार्मिक वीडियो देखने जैसा सामान्य विषय जानलेवा हमले का कारण बन गया।