RTI विवाद में हिंसा, प्रधान पक्ष पर हमला करने का आरोप; तीन घायल

Update: 2026-08-02 06:18 GMT

पीरपुरा। ग्राम पंचायत पीरपुरा में विकास कार्यों और मनरेगा में कथित अनियमितताओं की शिकायत तथा आरटीआई आवेदन करने को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। आरोप है कि शिकायत से नाराज ग्राम प्रधान पक्ष के दर्जनों लोगों ने शिकायतकर्ताओं के परिवार पर हमला कर दिया। हमले में कई लोग घायल हो गए, जिनमें एक युवक की अंगुली कटने की बात सामने आई है।

घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है। पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया है कि रंजिश के चलते दबंगों ने लाठी-डंडों, सरियों और धारदार हथियारों से लैस होकर हमला किया। वहीं, पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और दोनों पक्षों की ओर से लगाए गए आरोपों की पड़ताल की जा रही है।

जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत पीरपुरा में विकास कार्यों और मनरेगा से जुड़े कामों में कथित गड़बड़ी को लेकर कुछ ग्रामीणों ने शिकायत की थी। इसके अलावा आरटीआई के माध्यम से भी पंचायत के कार्यों से संबंधित जानकारी मांगी गई थी। आरोप है कि इसी बात को लेकर ग्राम प्रधान पक्ष और शिकायतकर्ताओं के बीच विवाद चल रहा था।

पीड़ित पक्ष का आरोप है कि इसी रंजिश के चलते ग्राम प्रधान पक्ष से जुड़े दर्जनों लोगों ने एकजुट होकर हमला कर दिया। आरोप है कि हमलावर हथियारों से लैस थे और उन्होंने एक ही परिवार के प्रवेज, रियासत और अकदस को अलग-अलग स्थानों पर घेरकर हमला किया।

हमले में घायलों को गंभीर चोटें आई हैं। परिजनों के अनुसार, मारपीट के दौरान एक युवक की अंगुली कट गई, जबकि अन्य लोगों के सिर, गर्दन और चेहरे पर चोटें आई हैं। घटना के बाद घायलों को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया।

पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया कि शिकायत और आरटीआई के कारण उन्हें लगातार दबाव में रखा जा रहा था। उनका कहना है कि पंचायत के विकास कार्यों में पारदर्शिता की मांग करना उनका अधिकार है, लेकिन इसी वजह से उनके साथ मारपीट की गई।

वहीं, इस मामले में दूसरे पक्ष की ओर से भी शिकायत दर्ज कराई गई है। ग्राम प्रधान मुजफ्फर की ओर से शुक्रवार को झगड़े के संबंध में मुकदमा दर्ज कराया गया था। पुलिस अब दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर मामले की जांच कर रही है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। घायलों के मेडिकल परीक्षण, मौके से मिले साक्ष्यों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

ग्रामीणों के अनुसार, पंचायत के विकास कार्यों को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। यदि किसी स्तर पर अनियमितता सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

घटना के बाद गांव में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और कहा है कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

स्थानीय लोगों का कहना है कि पंचायत स्तर के विवाद कई बार आपसी रंजिश का रूप ले लेते हैं, जिससे स्थिति गंभीर हो जाती है। ऐसे मामलों में प्रशासन की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है ताकि निष्पक्ष जांच हो सके और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके।

फिलहाल, पुलिस दोनों पक्षों के आरोपों की जांच कर रही है। पीड़ित परिवार ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है, जबकि दूसरे पक्ष की शिकायत पर भी जांच जारी है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी।

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