इंदौर: मध्य प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की इंदौर की भाजपा पार्षद संध्या यादव के वजन को लेकर की गई टिप्पणी पर विवाद खड़ा हो गया है। रविवार को विधानसभा क्षेत्र क्रमांक-1 के वार्ड नंबर 6 में विकास कार्यों के भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान विजयवर्गीय ने मंच से संध्या यादव की शारीरिक बनावट को लेकर टिप्पणी की थी। कार्यक्रम में सात करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाले विकास कार्यों का शुभारंभ किया गया था। टिप्पणी का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद कांग्रेस ने इस पर आपत्ति जताई।

विवाद बढ़ने के बाद मंगलवार को कैलाश विजयवर्गीय ने वीडियो जारी कर अपनी टिप्पणी पर खेद जताया। उन्होंने कहा कि संध्या यादव उन्हें बेटी जैसी हैं और कांग्रेस नेताओं ने उनके बयान को गलत संदर्भ में पेश किया।

विकास कार्यों के कार्यक्रम में हुई टिप्पणी

यह मामला रविवार को इंदौर विधानसभा क्षेत्र क्रमांक-1 के वार्ड नंबर 6 में आयोजित विकास कार्यों के कार्यक्रम से जुड़ा है। कार्यक्रम में क्षेत्र में सात करोड़ रुपये से अधिक की लागत से होने वाले विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन किया गया था।

कार्यक्रम में कैलाश विजयवर्गीय मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद थे। भाजपा की स्थानीय पार्षद संध्या यादव भी मंच पर मौजूद थीं। विजयवर्गीय ने अपने संबोधन के दौरान पहले पार्षद के कामकाज और क्षेत्र में उनकी सक्रियता का उल्लेख किया। इसके बाद उनकी शारीरिक बनावट को लेकर टिप्पणी की।

मंच से की गई टिप्पणी का वीडियो बाद में सोशल मीडिया पर प्रसारित हुआ और इसी के बाद मामला राजनीतिक बहस का विषय बन गया।

वीडियो वायरल होने के बाद बढ़ा विवाद

सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में विजयवर्गीय संध्या यादव के वजन बढ़ने को लेकर टिप्पणी करते हुए दिखाई देते हैं। वीडियो में मौजूद लोगों की प्रतिक्रिया भी सुनाई देती है।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, टिप्पणी के बाद कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच हंसी का माहौल बना। वीडियो सामने आने के बाद कांग्रेस नेताओं ने सार्वजनिक मंच से किसी महिला जनप्रतिनिधि की शारीरिक बनावट को लेकर टिप्पणी किए जाने पर सवाल उठाए।

कांग्रेस नेताओं ने इसे महिलाओं के सम्मान और सार्वजनिक जीवन में महिला प्रतिनिधियों के प्रति व्यवहार से जोड़कर प्रतिक्रिया दी।

विजयवर्गीय ने वीडियो जारी कर जताया खेद

विवाद बढ़ने के बाद कैलाश विजयवर्गीय ने मंगलवार को अपना पक्ष रखा। उन्होंने वीडियो जारी करते हुए कहा कि संध्या यादव उनके लिए बेटी जैसी हैं और उनकी टिप्पणी का उद्देश्य उनका अपमान करना नहीं था।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस के लोगों ने उनके शब्दों को अलग संदर्भ में पेश किया। विजयवर्गीय ने अपने बयान को लेकर खेद भी व्यक्त किया।

उनकी सफाई के बाद इस मामले में एक नया मोड़ आया। अब विवाद का केंद्र मूल टिप्पणी के साथ-साथ मंत्री की सफाई और उसके राजनीतिक अर्थों पर भी है।

संध्या यादव की प्रतिक्रिया भी सामने आई

विवाद के बीच पार्षद संध्या यादव की प्रतिक्रिया भी सामने आई। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक उन्होंने विजयवर्गीय के बयान को लेकर अलग रुख अपनाते हुए कहा कि कांग्रेस इस मामले को राजनीतिक रूप दे रही है।

रिपोर्टों के अनुसार, संध्या यादव ने विजयवर्गीय का बचाव किया और कांग्रेस पर इस मुद्दे को लेकर राजनीति करने का आरोप लगाया।

इससे मामले में स्थिति कुछ अलग दिखाई दी, क्योंकि जिस टिप्पणी को लेकर विपक्षी नेताओं ने आपत्ति जताई, उसी टिप्पणी को लेकर संबंधित पार्षद की प्रतिक्रिया अपेक्षाकृत अलग रही।

कांग्रेस ने उठाए सवाल

विवाद सामने आने के बाद कांग्रेस नेताओं ने विजयवर्गीय की टिप्पणी पर सवाल उठाए। कांग्रेस की ओर से कहा गया कि सार्वजनिक मंचों पर महिला जनप्रतिनिधियों की शारीरिक बनावट को चर्चा का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए।

कांग्रेस नेता भूपेंद्र गुप्ता ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया दी और महिला जनप्रतिनिधियों के सम्मान से जुड़े सवाल उठाए।

कांग्रेस की ओर से विजयवर्गीय से माफी की मांग किए जाने की बात भी रिपोर्टों में सामने आई थी। इसके बाद विजयवर्गीय ने वीडियो जारी कर खेद जताया।

मंत्री ने बताया व्यक्तिगत संबंध का संदर्भ

अपनी सफाई में विजयवर्गीय ने संध्या यादव के साथ अपने पुराने संबंधों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वह उन्हें बेटी की तरह मानते हैं और उन्हें बचपन से जानते हैं।

मीडिया रिपोर्टों में विजयवर्गीय के हवाले से यह भी सामने आया कि उन्होंने संध्या यादव को बचपन में गोद में खिलाने की बात कही। उनके अनुसार इसी व्यक्तिगत परिचय और अपनत्व के संदर्भ में उनकी टिप्पणी थी।

हालांकि सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में कही गई टिप्पणी को लेकर राजनीतिक विवाद पहले ही शुरू हो चुका था।

सात करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का कार्यक्रम

जिस कार्यक्रम में यह टिप्पणी हुई, उसका मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में विकास कार्यों की शुरुआत करना था। वार्ड नंबर 6 में सात करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली परियोजनाओं का भूमिपूजन किया गया।

इनमें बुनियादी सुविधाओं और विकास से जुड़े कार्य शामिल बताए गए हैं। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि, भाजपा कार्यकर्ता और क्षेत्र के लोग मौजूद थे।

विकास कार्यों के कार्यक्रम में हुई टिप्पणी के बाद पूरा आयोजन सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया।

सार्वजनिक मंच और राजनीतिक बयानबाजी

किसी जनप्रतिनिधि या मंत्री के सार्वजनिक कार्यक्रम में दिए गए बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो सकता है। इस मामले में भी ऐसा ही हुआ। कार्यक्रम के दौरान की गई टिप्पणी का वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं शुरू हो गईं।

एक ओर कांग्रेस ने टिप्पणी पर आपत्ति जताई, वहीं विजयवर्गीय ने सफाई देते हुए कहा कि उनके शब्दों को गलत संदर्भ में लिया गया। संध्या यादव ने भी मंत्री के पक्ष में प्रतिक्रिया दी।

विवाद के बाद सफाई पर जोर

मंगलवार को वीडियो जारी कर खेद जताने के बाद विजयवर्गीय ने इस मामले को लेकर अपना पक्ष स्पष्ट करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य पार्षद का अपमान करना नहीं था।

वहीं, सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो के कारण मूल टिप्पणी को लेकर बहस जारी रही। इस मामले में अलग-अलग राजनीतिक दलों और नेताओं की प्रतिक्रियाएं भी सामने आईं।

अब बयान और सफाई दोनों चर्चा में

इंदौर में महिला पार्षद के वजन को लेकर की गई टिप्पणी अब राजनीतिक चर्चा का विषय बन गई है। रविवार के कार्यक्रम में की गई टिप्पणी के बाद सोमवार से विवाद सामने आया और मंगलवार को मंत्री ने वीडियो जारी कर खेद जताया।

फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम में तीन प्रमुख बातें सामने आई हैं—कार्यक्रम के दौरान कैलाश विजयवर्गीय की टिप्पणी, उस पर कांग्रेस की आपत्ति और बाद में विजयवर्गीय की सफाई। वहीं पार्षद संध्या यादव ने मंत्री के बयान को लेकर कांग्रेस की प्रतिक्रिया पर सवाल उठाया है।

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