Madhya Pradesh मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के लिए मौत की घंटी बन चुकी बंद कीटनाशक फैक्ट्री यूनियन कार्बाइड से 337 मीट्रिक टन अत्यधिक जहरीला कचरा हटाने की तैयारी जल्द शुरू होने जा रही है। भोपाल गैस त्रासदी के बाद से बंद पड़ी कथित मिथाइल आइसोसाइनेट बनाने वाली फैक्ट्री से जहरीला कचरा हटाने के लिए सरकार को सुप्रीम कोर्ट से आदेश मिले हैं। लंबी जद्दोजहद के बाद आखिरकार सरकार को सुप्रीम कोर्ट से सभी अनुमतियां मिल गई हैं। कचरा हटाने की प्रक्रिया गोपनीय तरीके से कभी भी शुरू हो जाएगी।

भोपाल से पीथमपुर तक 250 किलोमीटर लंबा ग्रीन कॉरिडोर बनाया जाएगा। लंबी जद्दोजहद के बाद आखिरकार 40 साल बाद प्रदेश के पीथमपुर में ही कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निपटान किया जाएगा। रामकी एनवायरो में वैज्ञानिकों की निगरानी में कचरे को नष्ट किया जाएगा। कचरे को जलाकर उसका निपटान किया जाएगा। कचरे को भारी सुरक्षा बलों के साथ वैज्ञानिक तरीके से बंद कर 12 ट्रैक में नष्ट करने के लिए ले जाया जाएगा गैस त्रासदी राहत मंत्रालय ने भोपाल और इंदौर कमिश्नर को निर्देश दिए हैं। सभी जरूरी तैयारियां करने के निर्देश दिए गए हैं। जानलेवा जहरीला कचरा कभी भी हटाया जा सकता है। भोपाल गैस त्रासदी राहत मंत्रालय को ये दिशा-निर्देश दिए गए हैं।

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