मॉडल स्कूल में उमंग हेल्थ एंड वेलनेस कार्यक्रम, छात्रों को सुरक्षा और करियर की दी जानकारी
आष्टा। शासकीय मॉडल हायर सेकेंडरी स्कूल आष्टा में मंगलवार को ‘उमंग स्कूल हेल्थ एंड वेलनेस प्रोग्राम’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को स्वास्थ्य, सुरक्षा, पोषण, जीवन कौशल और भविष्य की पढ़ाई से जुड़े विभिन्न विषयों पर जानकारी दी गई। कार्यक्रम में आष्टा पुलिस थाने के सब-इंस्पेक्टर किरण सिंह राजपूत मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। वहीं सिविल अस्पताल आष्टा की उमंग काउंसलर शिवानी प्रजापति भी मौजूद रहीं।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्कूली विद्यार्थियों को शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के साथ सुरक्षित व्यवहार और बेहतर जीवन कौशल के बारे में जानकारी देना था। इस दौरान विद्यार्थियों से संवाद कर उनकी जिज्ञासाओं को समझने का भी प्रयास किया गया।
सब-इंस्पेक्टर किरण सिंह राजपूत ने विद्यार्थियों से सीधे बातचीत करते हुए उनके करियर के लक्ष्यों और आगे की पढ़ाई की योजनाओं के बारे में पूछा। उन्होंने छात्रों को अपने भविष्य के प्रति गंभीर रहने और पढ़ाई के साथ व्यक्तित्व विकास पर ध्यान देने के लिए प्रेरित किया।
छात्रों से करियर को लेकर किया संवाद
कार्यक्रम के दौरान सब-इंस्पेक्टर राजपूत ने विद्यार्थियों से पूछा कि वे भविष्य में किस क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं। छात्रों ने अपनी रुचि के अनुसार अलग-अलग क्षेत्रों में जाने की इच्छा जाहिर की। इस दौरान उन्हें लक्ष्य निर्धारित कर योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ने के महत्व के बारे में बताया गया।
विद्यार्थियों को समझाया गया कि स्कूली शिक्षा भविष्य की नींव तैयार करती है। इसलिए पढ़ाई के दौरान अनुशासन, नियमितता और समय प्रबंधन का विशेष ध्यान रखना चाहिए। किसी भी क्षेत्र में सफलता हासिल करने के लिए लगातार मेहनत और सही दिशा में तैयारी जरूरी है।
करियर से जुड़े संवाद के दौरान विद्यार्थियों को अपनी रुचि और क्षमता पहचानने के लिए भी प्रेरित किया गया। उन्हें बताया गया कि केवल दूसरों को देखकर करियर चुनने के बजाय अपनी रुचि, योग्यता और भविष्य की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेना चाहिए।
सुरक्षा के प्रति किया जागरूक
कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं की सुरक्षा भी प्रमुख विषय रही। विद्यार्थियों को अपने आसपास के माहौल के प्रति सतर्क रहने और किसी भी असुरक्षित स्थिति में तत्काल अपने माता-पिता, शिक्षक या जिम्मेदार व्यक्ति को जानकारी देने के लिए कहा गया।
स्कूली उम्र में विद्यार्थियों को कई तरह की परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में सही और गलत व्यवहार की पहचान तथा जरूरत पड़ने पर सहायता मांगने की जानकारी होना महत्वपूर्ण है।
विद्यार्थियों को यह भी बताया गया कि किसी समस्या को छिपाने के बजाय विश्वसनीय व्यक्ति के साथ साझा करना चाहिए। स्कूल और घर दोनों जगह ऐसा माहौल जरूरी है, जहां बच्चे बिना डर के अपनी समस्याओं के बारे में बात कर सकें।
स्वास्थ्य और पोषण पर दी जानकारी
सिविल अस्पताल की उमंग काउंसलर शिवानी प्रजापति ने विद्यार्थियों को स्वास्थ्य और पोषण से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी दी। किशोरावस्था में शरीर में होने वाले बदलावों के साथ संतुलित आहार और स्वस्थ दिनचर्या के महत्व को समझाया गया।
विद्यार्थियों को बताया गया कि नियमित और पौष्टिक भोजन शारीरिक विकास के साथ पढ़ाई में एकाग्रता बनाए रखने के लिए भी जरूरी है। भोजन में आवश्यक पोषक तत्वों को शामिल करने और अत्यधिक जंक फूड से बचने की सलाह दी गई।
इसके साथ ही व्यक्तिगत स्वच्छता और नियमित दिनचर्या को लेकर भी विद्यार्थियों को जागरूक किया गया। पर्याप्त नींद, नियमित शारीरिक गतिविधि और साफ-सफाई को स्वस्थ जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया गया।
मानसिक स्वास्थ्य पर भी जोर
उमंग स्कूल हेल्थ एंड वेलनेस प्रोग्राम के दौरान मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े विषयों पर भी चर्चा की गई। विद्यार्थियों को बताया गया कि पढ़ाई, परीक्षा या अन्य कारणों से तनाव महसूस होने पर उसे नजरअंदाज करने के बजाय परिवार, शिक्षक या काउंसलर से बातचीत करनी चाहिए।
किशोरावस्था में भावनात्मक बदलाव सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा होते हैं। इस दौरान सही मार्गदर्शन और संवाद विद्यार्थियों को कई समस्याओं से निपटने में मदद कर सकता है। कार्यक्रम के माध्यम से छात्रों को अपनी भावनाओं को समझने और समस्याओं का सकारात्मक तरीके से सामना करने के लिए प्रेरित किया गया।
जीवन कौशल का बताया महत्व
कार्यक्रम में जीवन कौशल पर विशेष जोर दिया गया। विद्यार्थियों को निर्णय लेने की क्षमता, संवाद कौशल, आत्मविश्वास, समय प्रबंधन और समस्या समाधान जैसे विषयों की उपयोगिता समझाई गई।
स्कूली शिक्षा के साथ जीवन कौशल विकसित होने से विद्यार्थी भविष्य की चुनौतियों का बेहतर तरीके से सामना कर सकते हैं। उन्हें बताया गया कि छोटी उम्र से ही अच्छी आदतें विकसित करना आगे चलकर व्यक्तिगत और व्यावसायिक जीवन में मददगार साबित होता है।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को अपने विचार खुलकर रखने और सवाल पूछने का अवसर भी मिला। इससे कार्यक्रम केवल जानकारी देने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि विद्यार्थियों के साथ संवाद का माध्यम भी बना।
स्कूल स्तर पर जागरूकता जरूरी
उमंग स्कूल हेल्थ एंड वेलनेस प्रोग्राम का उद्देश्य विद्यार्थियों को ऐसी जानकारी उपलब्ध कराना है, जो उनके दैनिक जीवन में उपयोगी हो। स्वास्थ्य, पोषण और सुरक्षा जैसे विषय सीधे विद्यार्थियों के जीवन से जुड़े हैं। ऐसे में स्कूल स्तर पर इनके बारे में जागरूकता भविष्य में बेहतर और जिम्मेदार व्यवहार विकसित करने में मदद कर सकती है।
कार्यक्रम के दौरान पुलिस और स्वास्थ्य विभाग से जुड़े प्रतिनिधियों की मौजूदगी से विद्यार्थियों को अलग-अलग विषयों पर जानकारी प्राप्त करने का अवसर मिला। सब-इंस्पेक्टर किरण सिंह राजपूत ने जहां सुरक्षा और करियर को लेकर विद्यार्थियों से संवाद किया, वहीं उमंग काउंसलर शिवानी प्रजापति ने स्वास्थ्य और जीवन कौशल से संबंधित जानकारी साझा की।
शासकीय मॉडल हायर सेकेंडरी स्कूल में आयोजित इस कार्यक्रम के जरिए विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ अपने स्वास्थ्य, सुरक्षा और भविष्य को लेकर जागरूक रहने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने भी उत्साह के साथ भाग लिया और विभिन्न विषयों पर जानकारी हासिल की।