उज्जैन | उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में आज सुबह भस्म आरती के दौरान बाबा महाकाल को हनुमान स्वरूप में सजाया गया। बाबा के मस्तक पर वैष्णव तिलक, गेरुआ वस्त्र और तुलसी की माला धारण कराई गई, जिससे उनका स्वरूप और भी दिव्य नजर आया। इस विशेष श्रृंगार के दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और मंदिर परिसर "जय महाकाल" और "जय बजरंग बली" के जयकारों से गूंज उठा।
भस्म आरती में उमड़े श्रद्धालु
महाकाल मंदिर में होने वाली भस्म आरती का विशेष महत्व है, लेकिन जब बाबा महाकाल हनुमान स्वरूप में सजे तो यह अवसर भक्तों के लिए और भी खास बन गया। भोर में होने वाली इस आरती में देशभर से हजारों श्रद्धालु पहुंचे, जिन्होंने इस अनोखे रूप के दर्शन कर पुण्य लाभ कमाया।
हनुमान जयंती से पहले विशेष श्रृंगार
हनुमान जयंती से पहले किए गए इस विशेष श्रृंगार ने श्रद्धालुओं के उत्साह को और बढ़ा दिया। मंदिर समिति के अनुसार, इस अवसर पर विशेष पूजा-अर्चना और सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया गया। आने वाले दिनों में हनुमान जयंती पर भी भव्य आयोजन होगा, जिसमें महाआरती और भंडारे की व्यवस्था की जाएगी।
महाकाल मंदिर में भस्म आरती का महत्व
महाकाल मंदिर में रोजाना तड़के होने वाली भस्म आरती पूरे देश में प्रसिद्ध है। शिवपुराण के अनुसार, भगवान शिव को भस्म प्रिय है और उनकी आराधना भस्म से करने से भक्तों को मोक्ष की प्राप्ति होती है। हर दिन अलग-अलग स्वरूप में होने वाली इस आरती में हनुमान रूप में सजे बाबा महाकाल के दर्शन श्रद्धालुओं के लिए एक अनोखा आध्यात्मिक अनुभव बन गए।