Bhopal भोपाल: मध्य प्रदेश में टमाटर वायरस ने हड़कंप मचा रखा है। भोपाल के स्कूली बच्चों में यह वायरस फैल रहा है। इस बीमारी से संक्रमित बच्चों के हाथ, पैर, तलवों, गर्दन के नीचे और मुँह पर लाल चकत्ते दिखाई देते हैं। बाद में ये छालों में बदल जाते हैं। बच्चों को बुखार और गले में खराश के साथ खुजली, जलन और दर्द का अनुभव होता है। यह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है। स्कूल प्रशासन ने अभिभावकों को इन लक्षणों से पीड़ित बच्चों को घर पर ही रखने के लिए सचेत किया है।
इस टमाटर वायरस को 'हैंड, फुट, माउथ डिजीज (HFMD)' कहा जाता है। यह वायरस इचिनोकोकस और कॉक्ससैकी वायरस से फैलता है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. राजेश टिक्कस ने बताया कि यह छह महीने से 12 साल की उम्र के बच्चों में सबसे आम है। उन्होंने कहा कि HFMD एक आम समस्या है और इसे लेकर ज़्यादा चिंता करने की ज़रूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि यह एक हफ़्ते से दस दिनों में अपने आप ठीक हो जाएगा। उन्होंने कहा कि यह वायरस ज़्यादातर शौच के बाद ठीक से हाथ न धोने और साफ़-सफ़ाई का ध्यान न रखने के कारण फैलता है।
चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, यह रोग संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने से निकलने वाली बूंदों के माध्यम से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है। यह लार जैसे शारीरिक तरल पदार्थों के माध्यम से भी फैलता है। इस वायरस के संक्रमण के 3 से 6 दिनों के भीतर लक्षण दिखाई देते हैं। इसका कोई विशिष्ट उपचार नहीं है। हृदय, फेफड़े और अन्य आनुवंशिक दोषों से पीड़ित बच्चों का अत्यधिक सावधानी से इलाज किया जाना चाहिए।
Tags: