हाई कोर्ट ने भगीरथपुरा में गंदे पानी से मौत और बीमारियों के मामले की सुनवाई की, ली सख्त चेतावनी
Indore इंदौर: हाई कोर्ट ने भगीरथपुरा में गंदे पानी के कारण हो रही मौतों और स्वास्थ्य समस्याओं से संबंधित याचिकाओं पर मंगलवार को सुनवाई की। याचिकाकर्ता और हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रितेश ईरानी ने बताया कि अदालत ने भगीरथपुरा मामले में पहली बार बहुत सख्त रुख अपनाया। कोर्ट ने आश्चर्य जताते हुए कहा कि एक ऐसे शहर में, जिसे अदालत और निरीक्षक कई बार स्वच्छता निरीक्षण के लिए देख चुके हैं, वहाँ के निवासी अभी भी गंदा पानी पीने को मजबूर हैं।
रितेश ईरानी ने बताया, “अदालत ने स्पष्ट किया कि पानी की इस स्थिति के कारण लोगों की जान को खतरा है। भगीरथपुरा में पानी में गंदगी, कीटाणु और अन्य प्रदूषक तत्व मौजूद हैं, जिससे कई लोग बीमार पड़ रहे हैं और कुछ की मौतें भी हो चुकी हैं। अदालत ने नगर निगम और संबंधित विभागों से तुरंत कार्रवाई करने को कहा है।”
हाई कोर्ट ने स्थानीय प्रशासन की निष्क्रियता पर भी कड़ी टिप्पणी की। अदालत ने निर्देश दिए कि जल आपूर्ति की गुणवत्ता की नियमित जांच की जाए और गंदे पानी की सप्लाई रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। अदालत ने यह भी कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। भगीरथपुरा क्षेत्र के निवासियों ने बताया कि पीने के पानी की समस्या पुरानी है। कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। गंदे पानी से लोग पेट, त्वचा और अन्य संक्रामक बीमारियों से ग्रस्त हो रहे हैं। वृद्ध और बच्चे विशेष रूप से प्रभावित हैं।
अदालत ने कहा कि इंदौर जैसे स्वच्छता के मामले में अग्रणी शहर में इस तरह की स्वास्थ्य समस्या गंभीर लापरवाही का संकेत है। अदालत ने नगर निगम और जल विभाग को निर्देश दिया कि वे तत्काल पीने योग्य पानी सुनिश्चित करें और गंदा पानी सप्लाई करने वाले सभी स्रोतों की पहचान कर उन्हें सील करें।
रितेश ईरानी ने आगे कहा कि हाई कोर्ट की यह सख्त टिप्पणी स्थानीय प्रशासन के लिए चेतावनी है। अब अदालत की निगरानी में भगीरथपुरा के जल संकट का समाधान किया जाएगा। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे भी इस मामले में सतर्क रहें और किसी भी प्रकार के पानी की गंदगी या आपात स्थिति की सूचना अधिकारियों और अदालत तक पहुँचाएं। इस सुनवाई के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि भगीरथपुरा क्षेत्र में जल आपूर्ति की गुणवत्ता में सुधार होगा और निवासियों को जल्द ही सुरक्षित और साफ पानी मिलेगा।