भोपाल : स्वतंत्रता दिवस से पहले मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में देशभक्ति का अनोखा नजारा देखने को मिला। प्रसिद्ध बोट क्लब पर 13 अगस्त को विशाल जल तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया। युवा खिलाड़ियों ने तिरंगे के साथ कयाकिंग और कैनोइंग का प्रदर्शन किया, जबकि तालाब के बीच बनाया गया फ्लोटिंग तिरंगा कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहा। इस आयोजन के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश में समान नागरिक संहिता लागू करने को लेकर भी बड़ा बयान दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता लागू होने जा रही है। उन्होंने इसे समानता की भावना मजबूत करने वाला कदम बताया। मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद प्रदेश में यूसीसी को लेकर राजनीतिक और सामाजिक चर्चा तेज होने की संभावना है। हालांकि, प्रस्तावित व्यवस्था की प्रक्रिया, समयसीमा और विस्तृत प्रारूप से जुड़ी आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
बोट क्लब पर छाया तिरंगे का रंग
जल तिरंगा यात्रा के दौरान भोपाल का बोट क्लब तिरंगे के रंगों में रंगा दिखाई दिया। देशभक्ति गीतों के बीच युवा खिलाड़ियों ने नौकाओं पर राष्ट्रीय ध्वज लेकर कयाकिंग और कैनोइंग के करतब प्रस्तुत किए। बड़ी संख्या में मौजूद लोगों ने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया।
तालाब के बीच फ्लोटिंग तिरंगा बनाया गया था। आयोजकों ने पानी पर नौकाओं को इस तरह व्यवस्थित किया कि दूर से तिरंगे की आकृति दिखाई दे रही थी। आयोजन में धरती, जल और आसमान तक राष्ट्रीय ध्वज की झलक दिखाने का प्रयास किया गया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया और खुद भी नौका में सवार होकर जल तिरंगा यात्रा में शामिल हुए। उनके साथ कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग सहित अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी भी मौजूद रहे।
सभी के लिए समान कानून की बात
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश में यूसीसी लागू करने की दिशा में कदम बढ़ाया जाएगा। उन्होंने हिंदू, मुस्लिम, पारसी और ईसाई सहित विभिन्न धर्मों का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य में सभी लोगों के लिए समान कानून की व्यवस्था होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून के स्तर पर धर्म के आधार पर नागरिकों के बीच अंतर नहीं किया जाना चाहिए। समान नागरिक संहिता के माध्यम से समानता की भावना को मजबूती मिलने का दावा किया गया। उनके अनुसार राज्य में सभी नागरिकों के अधिकार और जिम्मेदारियां समान कानूनी व्यवस्था के तहत निर्धारित होनी चाहिए।
समान नागरिक संहिता के अंतर्गत सामान्य तौर पर विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, गोद लेने और गुजारा भत्ता जैसे व्यक्तिगत मामलों के लिए सभी नागरिकों पर समान कानून लागू करने की व्यवस्था पर चर्चा की जाती है। हालांकि, मध्य प्रदेश सरकार की ओर से इसके प्रस्तावित स्वरूप की विस्तृत जानकारी जारी होने के बाद ही नियमों और अपवादों की स्थिति स्पष्ट होगी।
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की प्रशंसा
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि भारत अपनी क्षमता और सामर्थ्य के साथ लगातार आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था, विकास की उपलब्धियों और तीनों सेनाओं के पराक्रम का उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस देश के गौरव, एकता और बलिदान को याद करने का अवसर है। तिरंगा यात्रा जैसे कार्यक्रम नागरिकों, विशेष रूप से युवाओं में देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत करते हैं।
युवा खिलाड़ियों का बढ़ाया उत्साह
मुख्यमंत्री ने जल तिरंगा यात्रा में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि नौकाओं पर तिरंगा लेकर कयाकिंग और कैनोइंग का प्रदर्शन करना खिलाड़ियों के साहस, अनुशासन और संकल्प शक्ति का उदाहरण है।
उन्होंने खिलाड़ियों के कौशल को देश के युवाओं की ऊर्जा से जोड़ते हुए कहा कि युवा अपनी मेहनत और प्रतिभा से प्रदेश तथा देश का नाम रोशन कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों और आयोजन से जुड़े लोगों को कार्यक्रम की सफलता के लिए बधाई दी।
यूसीसी पर तेज हो सकती है बहस
मुख्यमंत्री के बयान के बाद मध्य प्रदेश में यूसीसी को लेकर बहस तेज होने की संभावना है। सरकार को कानून बनाने से पहले इसके प्रारूप, संवैधानिक प्रावधानों और अलग-अलग समुदायों पर पड़ने वाले प्रभावों का अध्ययन करना होगा। प्रस्ताव को कैबिनेट की मंजूरी और विधानसभा में चर्चा जैसी प्रक्रियाओं से भी गुजरना पड़ सकता है।
फिलहाल सरकार की ओर से विधेयक के मसौदे, इसे विधानसभा में पेश करने की संभावित तारीख या लागू करने की समयसीमा पर विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है। ऐसे में मुख्यमंत्री की घोषणा को समान नागरिक संहिता की दिशा में सरकार के राजनीतिक और नीतिगत संकेत के रूप में देखा जा रहा है।