ग्वालियर में तांत्रिक क्रूरता, झाड़-फूंक के नाम पर 14 वर्षीय बच्ची की मौत
GWALIAR ग्वालियर (मध्यप्रदेश)। ग्वालियर से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां अंधविश्वास के चलते 14 वर्षीय बच्ची की मौत हो गई। कक्षा 8 की छात्रा रौनक पाल पर कथित रूप से झाड़-फूंक और तांत्रिक क्रियाएं की गईं, जिनके दौरान उसे अमानवीय यातनाएं झेलनी पड़ीं। घटना सोमवार को खल्लासीपुरा क्षेत्र की है। पुलिस के अनुसार, रौनक पिछले 15 दिनों से बुखार से पीड़ित थी। परिवार ने पहले डॉक्टर से इलाज कराया, लेकिन कोई सुधार न होने पर एक रिश्तेदार की सलाह पर तांत्रिक को बुलाया गया। तांत्रिक ने दावा किया कि रौनक पर “भूत-प्रेत का साया” है और झाड़-फूंक की जरूरत है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, तांत्रिक ने इलाज के नाम पर बच्ची को गर्म लोहे की रॉड से पेट पर दागा और डंडे व झाड़ू से पीटा, ताकि उसके शरीर से कथित बुरी आत्मा बाहर निकाली जा सके।
इस अमानवीय यातना को सहन न कर पाने के कारण रौनक की मौत हो गई।मामले की जानकारी एक अज्ञात कॉलर ने पुलिस को दी। सूचना मिलते ही इंदरगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची और अंतिम संस्कार की तैयारी रोक दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।थाना प्रभारी दीप्ति सिंह तोमर ने पुष्टि की कि बच्ची की मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है। शव पर जलने और पिटाई के कई निशान मिले हैं। पुलिस ने बताया कि इस मामले में तांत्रिक और संबंधित परिजनों की भूमिका की जांच की जा रही है। फिलहाल पुलिस ने बच्ची के पिता सुनील पाल से भी पूछताछ की है। उन्होंने बताया कि इलाज में सुधार न होने की वजह से तांत्रिक का सहारा लिया गया था।यह घटना एक बार फिर प्रदेश में अंधविश्वास और झाड़-फूंक जैसी कुप्रथाओं पर सवाल खड़ा करती है, जिनकी वजह से मासूम जानें दांव पर लग रही हैं। पुलिस ने कहा कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।