देवास पटाखा फैक्ट्री हादसे के बाद सख्त कार्रवाई, SDM, SDOP सहित चार अधिकारी सस्पेंड

Update: 2026-05-17 05:51 GMT

Madhya Pradesh मध्य प्रदेश : देवास में पटाखा फैक्ट्री में हुई गंभीर घटना के बाद राज्य सरकार ने सख्त कदम उठाते हुए प्रशासनिक और पुलिस विभाग के चार अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। शनिवार को जारी आदेश में सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट (SDM) संजीव सक्सेना, सोनकच्छ SDOP दीपा मांडवे, टप्पा चिड़ावद नायब तहसीलदार रवि वर्मा और पुलिस चेकपोस्ट इंचार्ज रमन दीप हुंदल को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड किया गया है।

सरकारी स्तर पर की गई इस कार्रवाई को घटना के बाद लापरवाही और निगरानी में गंभीर चूक के रूप में देखा जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिक जांच में सामने आया है कि संबंधित अफसरों द्वारा अपने-अपने स्तर पर निरीक्षण और सुरक्षा मानकों की जांच में गंभीर ढिलाई बरती गई, जिसके कारण यह हादसा हुआ।

नायब तहसीलदार रवि वर्मा पर आरोप है कि उन्होंने प्रशासनिक निरीक्षण के दौरान आवश्यक सतर्कता नहीं बरती और अपनी ड्यूटी का सही तरीके से पालन नहीं किया। बताया गया है कि उनकी लापरवाही के चलते सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर खामियां रह गईं, जो हादसे का कारण बनीं।

इसी तरह SDOP दीपा मांडवे पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। उनके खिलाफ आरोप है कि उन्होंने पटाखा फैक्ट्री के संचालन का समय पर निरीक्षण नहीं किया और न ही किसी प्रकार की विस्तृत रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी। इसे प्रशासनिक लापरवाही और कर्तव्य में गंभीर चूक माना गया है।

इसके अलावा पुलिस चेकपोस्ट इंचार्ज रमन दीप हुंदल को भी तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। उन पर सुरक्षा जांच में लापरवाही बरतने और निगरानी व्यवस्था को कमजोर करने के आरोप हैं।

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, पटाखा फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों की अनदेखी और नियमित निरीक्षण की कमी के कारण यह घटना हुई, जिससे न केवल संपत्ति का नुकसान हुआ बल्कि लोगों की सुरक्षा को भी खतरा उत्पन्न हुआ।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जिम्मेदार अधिकारियों पर आगे भी कार्रवाई की जा सकती है। साथ ही पूरे मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए गए हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि सुरक्षा व्यवस्था में कहां-कहां चूक हुई।

इस कार्रवाई के बाद प्रशासनिक महकमे में हलचल देखी जा रही है और अन्य अधिकारियों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का कहना है कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए निरीक्षण प्रणाली को और सख्त बनाया जाएगा।

कुल मिलाकर, देवास पटाखा फैक्ट्री हादसे के बाद की गई यह सस्पेंशन कार्रवाई प्रशासनिक जवाबदेही और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

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