भोपाल। मध्य प्रदेश में दशहरा पर्व के उत्साह के बीच मौसम ने आयोजकों की चिंता बढ़ा दी है। राजधानी भोपाल सहित प्रदेश के कई जिलों में बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है। 20 अक्टूबर 2026 को सामने आई मौसम संबंधी रिपोर्टों में करीब 25 जिलों में आंधी और बारिश की आशंका व्यक्त की गई है। इसके चलते प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में आयोजित होने वाले रावण दहन कार्यक्रमों पर असर पड़ सकता है। मौसम खराब होने की संभावना को देखते हुए भोपाल में कलाकारों और आयोजकों ने रावण के पुतलों को पॉलिथीन और बरसाती चादरों से ढकना शुरू कर दिया है। उनका प्रयास है कि बारिश होने की स्थिति में पुतले भीगने से बच सकें और निर्धारित समय पर रावण दहन किया जा सके। हालांकि, मौसम विभाग की 20 अक्टूबर की क्षेत्रीय चेतावनी में पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश के लिए कोई व्यापक चेतावनी दर्ज नहीं है। स्थानीय स्तर पर मौसम बदलने की संभावना को देखते हुए आयोजक सावधानी बरत रहे हैं।

भोपाल में रावण के पुतलों को पॉलिथीन से ढका

राजधानी भोपाल में दशहरा उत्सव की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। शहर के विभिन्न स्थानों पर रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के विशाल पुतले तैयार किए गए हैं। लेकिन बारिश की आशंका ने पुतला बनाने वाले कलाकारों और आयोजन समितियों के सामने नई परेशानी खड़ी कर दी है।

बारिश से बचाव के लिए पुतलों को पॉलिथीन की बड़ी चादरों से ढका गया है। कई स्थानों पर आयोजकों ने अतिरिक्त तिरपाल की व्यवस्था भी की है, ताकि अचानक मौसम बिगड़ने पर पुतलों को सुरक्षित रखा जा सके।

दरअसल, रावण के पुतलों को तैयार करने में बांस, कागज, कपड़े और अन्य सामग्री का इस्तेमाल किया जाता है। बारिश के कारण ये सामग्री भीग सकती है। इससे पुतलों की बनावट प्रभावित होने के साथ रावण दहन कार्यक्रम में भी परेशानी हो सकती है।

25 जिलों में बारिश की आशंका से बढ़ी चिंता

दशहरे के दिन मध्य प्रदेश के लगभग 25 जिलों में बारिश और गरज-चमक की संभावना संबंधी खबरें सामने आई हैं। इनमें भोपाल, इंदौर और उज्जैन सहित प्रदेश के कई इलाके शामिल बताए गए हैं।

मौसम संबंधी रिपोर्टों में कुछ स्थानों पर तेज हवाएं चलने की संभावना भी जताई गई है। ऐसे में खुले मैदानों में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

रावण दहन देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग मैदानों में पहुंचते हैं। अगर कार्यक्रम के दौरान अचानक तेज बारिश या आंधी आती है, तो आयोजकों को सुरक्षा व्यवस्था और कार्यक्रम के संचालन में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

मौसम की अनिश्चितता को देखते हुए आयोजन समितियां वैकल्पिक इंतजाम करने पर भी ध्यान दे रही हैं।

इंदौर में भी पुतलों को बारिश से बचाने की तैयारी

भोपाल के अलावा इंदौर में भी रावण के पुतलों को बारिश से सुरक्षित रखने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। स्थानीय कलाकार पुतलों पर प्लास्टिक की परत, पीवीसी शीट और मजबूत तिरपाल जैसी सामग्री का इस्तेमाल कर रहे हैं।

इसका उद्देश्य पुतलों को नमी से बचाना और उनकी संरचना सुरक्षित रखना है। कलाकारों के लिए यह समय काफी महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि कई दिनों की मेहनत के बाद तैयार किए गए पुतले दशहरा उत्सव का मुख्य आकर्षण होते हैं।

बारिश होने पर पुतलों की सजावट खराब हो सकती है। इसके अलावा भीगे हुए पुतलों का दहन भी कठिन हो जाता है। इसलिए आयोजक मौसम को ध्यान में रखकर तैयारियों को अंतिम रूप दे रहे हैं।

साल 2022 में भी बारिश ने बिगाड़ा था दशहरे का उत्सव

मध्य प्रदेश में बारिश के कारण दशहरा समारोह प्रभावित होने की घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं। वर्ष 2022 में दशहरे के दौरान कई स्थानों पर बारिश होने से रावण के पुतले भीग गए थे।

उस समय भारी बारिश के चलते कई आयोजन समितियों को रावण दहन करने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा था। कुछ स्थानों पर भीगे हुए पुतलों को जलाने के लिए मिट्टी के तेल का इस्तेमाल करने की खबरें भी सामने आई थीं।

बारिश के कारण कई आयोजनों में देरी हुई थी, जबकि कुछ स्थानों पर दर्शकों को कार्यक्रम शुरू होने के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा था।

पिछले अनुभवों को देखते हुए इस बार आयोजन समितियां पहले से सतर्क दिखाई दे रही हैं। उनका प्रयास है कि मौसम खराब होने पर भी धार्मिक परंपराओं का निर्वहन सुरक्षित तरीके से किया जा सके।

अगले चार दिनों तक मौसम में बदलाव की संभावना

मौसम संबंधी रिपोर्टों के अनुसार, 23 अक्टूबर तक प्रदेश के कुछ हिस्सों में बादल छाने, गरज-चमक और हल्की बारिश की संभावना बनी रह सकती है।

मानसून की विदाई के बाद भी मौसम में हो रहे बदलाव ने लोगों को हैरान किया है। अक्टूबर के महीने में आमतौर पर बारिश की गतिविधियां कम होने लगती हैं, लेकिन बदलती मौसमी परिस्थितियों के कारण कुछ इलाकों में वर्षा दर्ज की जा सकती है।

प्रदेश के विभिन्न जिलों में रात के तापमान में गिरावट भी देखने को मिली है। इससे सुबह और शाम के समय हल्की ठंड का एहसास होने लगा है।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, स्थानीय स्तर पर बादलों की स्थिति और हवा की दिशा में बदलाव के कारण मौसम अचानक बदल सकता है। ऐसे में नागरिकों को नवीनतम स्थानीय पूर्वानुमान देखते रहने की जरूरत है।

रावण दहन कार्यक्रमों पर पड़ सकता है असर

दशहरा पर्व पर मध्य प्रदेश के विभिन्न शहरों में बड़े स्तर पर रावण दहन कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इन आयोजनों में हजारों की संख्या में श्रद्धालु और दर्शक शामिल होते हैं।

मौसम खराब होने की स्थिति में खुले मैदानों में लगे मंच, प्रकाश व्यवस्था, ध्वनि उपकरण और अस्थायी संरचनाएं प्रभावित हो सकती हैं।

तेज हवा चलने पर बड़े पुतलों के गिरने का खतरा भी रहता है। इसलिए आयोजन समितियों के लिए पुतलों को मजबूती से स्थापित करना और बिजली से जुड़े उपकरणों की सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी है।

बारिश और बिजली चमकने की स्थिति में खुले मैदानों में भीड़ एकत्र करना जोखिमपूर्ण हो सकता है। आयोजकों को परिस्थितियों के अनुसार कार्यक्रम स्थगित करने जैसे विकल्पों पर भी विचार करना पड़ सकता है।

दशहरे के उत्साह के बीच मौसम पर टिकी निगाहें

प्रदेश में विजयादशमी का पर्व उत्साह और धार्मिक आस्था के साथ मनाया जा रहा है। विभिन्न स्थानों पर रावण दहन, रामलीला और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं।

हालांकि, बारिश की आशंका के कारण लोगों और आयोजकों की नजरें मौसम के मिजाज पर टिकी हैं। कई जगह पुतलों को सुरक्षित रखने के लिए अतिरिक्त इंतजाम किए जा रहे हैं।

आयोजन समितियों की प्राथमिकता है कि दशहरा समारोह बिना किसी परेशानी के संपन्न हो और दर्शकों की सुरक्षा बनी रहे।

फिलहाल भोपाल, इंदौर और अन्य शहरों में रावण दहन की तैयारियां जारी हैं। अब देखना होगा कि मौसम उत्सव में बाधा डालता है या लोगों को बिना किसी परेशानी के विजयादशमी का पर्व मनाने का अवसर मिलता है।

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