भोपाल/इंदौर : सट्टेबाजी और ड्रग नेटवर्क से जुड़े मामले की जांच के बीच पुलिस ने कांग्रेस नेता जीतू पटवारी के भाई भरत पटवारी को नोटिस जारी किया है। पुलिस ने उन्हें शुक्रवार को पूछताछ के लिए उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं। पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान सामने आए कुछ दस्तावेजों के आधार पर भरत पटवारी से पूछताछ की जानी है।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जांच में ऐसे दस्तावेज मिले हैं, जिनसे पता चला कि भरत पटवारी कभी शुभम वैली ग्रुप के डायरेक्टर सुमित मंत्री की पांच फर्मों में से एक फर्म में पार्टनर रहे थे। इसी संबंध में जानकारी जुटाने के लिए पुलिस ने उन्हें नोटिस जारी किया है।

मामले की जांच के दौरान पुलिस को यह जानकारी जमीन धोखाधड़ी से जुड़ी शिकायत की पड़ताल करते समय मिली। पुलिस ने बताया कि नाना पटवारी के खिलाफ मिली जमीन धोखाधड़ी की शिकायत की जांच के क्रम में सुमित मंत्री और उनके रिश्तेदार पप्पू मंत्री से पूछताछ की गई थी। इसी पूछताछ और दस्तावेजों की जांच के दौरान भरत पटवारी के व्यावसायिक संबंधों से जुड़े तथ्य सामने आए।

पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि संबंधित फर्म में भरत पटवारी की भूमिका क्या थी और उस दौरान हुए लेन-देन या अन्य गतिविधियों का मामले से कोई संबंध है या नहीं। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ जांच प्रक्रिया का हिस्सा है और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

इस मामले में पुलिस ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क और उससे जुड़े लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क का संचालन किस तरह किया जा रहा था और इसमें कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं।

इसी क्रम में नाना पटवारी के दोस्त मानव गंगवानी को कथित ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क के मामले में गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे 27 जुलाई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस हिरासत के दौरान उससे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों, आर्थिक लेन-देन और संचालन के तरीकों को लेकर पूछताछ की जा रही है।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मामले की जांच कई स्तरों पर चल रही है। इसमें वित्तीय लेन-देन, फर्मों से जुड़े दस्तावेज, आरोपियों के आपसी संबंध और संभावित नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा रही है। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

भरत पटवारी को जारी नोटिस के बाद राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि किसी भी व्यक्ति को केवल जांच के आधार पर आरोपी नहीं माना जा सकता। पूछताछ के जरिए तथ्यों की पुष्टि की जा रही है।

जांच एजेंसियां इस मामले में सभी संबंधित लोगों से जानकारी जुटा रही हैं। पुलिस का कहना है कि जांच निष्पक्ष तरीके से की जा रही है और जो भी व्यक्ति मामले से जुड़ा पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

सट्टेबाजी और ड्रग नेटवर्क से जुड़े मामलों में पुलिस पिछले कुछ समय से लगातार कार्रवाई कर रही है। ऐसे मामलों में अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए पुलिस वित्तीय रिकॉर्ड, मोबाइल डेटा और अन्य दस्तावेजों की जांच करती है। इसी प्रक्रिया के तहत अब भरत पटवारी और अन्य संबंधित लोगों से पूछताछ की जा रही है।

पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ना है। इसके लिए गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के साथ-साथ उनसे जुड़े लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो पाएगी।

फिलहाल भरत पटवारी को जारी नोटिस और मानव गंगवानी की पुलिस हिरासत इस मामले में महत्वपूर्ण घटनाक्रम माने जा रहे हैं। आने वाले दिनों में पूछताछ और जांच से जुड़े नए तथ्य सामने आने की संभावना है। पुलिस की कार्रवाई और जांच की दिशा पर सभी की नजर बनी हुई है।

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