रायसेन। अब गांव की सरकारी संपत्ति होगी पंचायत की जागीर ।दरअसल पंचायत दर्पण एप के जरिए सरपंच सरपंच सूची बनाकर जानकारी दर्ज कर रहे हैं।मोबाइल ऐप पर डिजिटल एंट्री करवा रहे हैं।
१५ नवंबर तक की है समय सीमा....
इस कार्य को सरपंच पंचायत सचिव संपत्ति की पंचायत दर्पण एप पर जानकारी दर्ज करेंगे।टीम पंचायतों घूमकर संपत्ति की जानकारी जुटा रही है।
आधारभूत विवरण दर्ज होगा....
परिसंपत्ति प्रबंधन के तहत दर्ज होने वाली किसी भी जानकारी में चिन्हांकन के साथ निर्माण कार्य का आधारभूत विवरण दर्ज किया जा रहा है। विवरण में संपत्ति की जियो टैग फोटो भी संलग्न की जा रही है। इसे दर्ज करने के लिए ग्राम पंचायत को अपने लॉगिन का उपयोग करना पड़ रहा है।पोर्टल एवं ऐप पर मैप करने की प्रक्रिया 15 दिन में पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
फैक्ट फाइल
498 ग्राम पंचायतें हैं जिले में।
08जनपद पंचायतों हैं जिले में।
15 दिन में दर्ज करनी होंगी संपत्तियां।
10-12 परिसंपत्तियां रहती हैं शासन कीं।
5 हजार के करीब संपत्तियां हैं पंचायत क्षेत्रों में।
नई गाइडलाइन के तहत यह होंगे कार्य.....
● अब किसी भी विभाग की सरकारी संपत्ति ग्राम पंचायत की मानी जाएगी। पंचायत दर्पण पोर्टल एवं मोबाइल ऐप पर संपत्तियों का होगा डिजिटल पंजीयन।
● गांवों में सरपंच और सचिव मिलजुलकर प्रविष्ट कर रहे सभी चल-अचल संपत्तियों की।
● संपत्ति की जियो टैग फोटो और निर्माण का विवरण किया जाएगा दर्ज। 15 दिन की समय सीमा तय।
ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित शासन की संपत्तियों के बेहतर प्रबंधन के नई गाइड लाइन जारी की गई है। अब किसी भी विभाग की सरकारी संपत्ति होगी तो उसे ग्राम पंचायत की जागीर माना जाएगा।पंचायत एवं ग्रामीण विभाग विभाग के पंचायत दर्पण एवं मोबाइल ऐप पर उपलब्ध परिसंपत्ति प्रबंधन विकल्प का उपयोग कर सरपंच एवं सचिव मिलजुकर इन संपत्तियों को दर्ज करने में जुटे हुए हैं।इसमें ग्राम पंचायत क्षेत्र की समस्त चल एवं अचल संपत्तियों का ब्यौरा दर्ज होगा। अपर मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग दीपाली रस्तोगी ने इस संबंध में प्रदेश के समस्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत को पत्र भेजकर ग्रामीण परिसंपत्तियों का पोर्टल एवं मोबाइल ऐप पर प्रबंधन कराने को कहा है। स्पष्ट किया गया है कि इसमें पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अलावा अन्य किसी भी विभाग की संपत्ति भी शामिल रहेगी।
यह होंगी पंचायतों में सरकारी संपत्तियां....
सामान्य तौर पर ग्राम पंचायत क्षेत्रों में पंचायत भवन, शाला भवन, पाइपलाइन, ओवर हेड टैंक, सड़क पुल पुलिया सामुदायिक भवन, स्टॉप डैम, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की आपत्तियां होती हैं।जिनका निर्माण पंचायत विभाग के अलावा आरईएस, जल विकास निगम पीएचई विभाग की संपत्तियां पंचायत की जागीर होंगी।
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