मध्य प्रदेश में मानसून सक्रिय, 35 जिलों में बारिश का अलर्ट

Update: 2026-07-25 06:21 GMT

भोपाल : दक्षिण-पश्चिम मानसून के पूरे मध्य प्रदेश में सक्रिय रहने के कारण प्रदेश के मौसम में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने शनिवार को प्रदेश के 35 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, इन जिलों में कहीं-कहीं तेज बारिश होने की संभावना है। वहीं, प्रदेश के अन्य 20 जिलों में भी हल्की से मध्यम वर्षा होने का अनुमान जताया गया है।

मौसम विभाग के मुताबिक, मानसूनी सिस्टम के सक्रिय रहने से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बादल छाए रहेंगे और कई स्थानों पर बारिश का दौर जारी रह सकता है। कुछ जिलों में गरज-चमक के साथ तेज बौछारें पड़ने की संभावना भी जताई गई है। प्रशासन ने बारिश को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

35 जिलों में बारिश का अलर्ट

आईएमडी ने शनिवार के लिए जिन जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है, उनमें राजधानी भोपाल समेत कई प्रमुख जिले शामिल हैं। भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़ और विदिशा में बारिश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा मालवा-निमाड़ क्षेत्र के इंदौर, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा और खरगोन जिलों में भी मौसम विभाग ने बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है।

उज्जैन संभाग के उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगर मालवा, शाजापुर और देवास में भी बारिश की संभावना बनी हुई है। नर्मदापुरम संभाग के नर्मदापुरम, बैतूल और हरदा जिलों में भी मौसम सक्रिय रहेगा।

ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना और अशोकनगर जिलों में भी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, जबलपुर संभाग के जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर और छिंदवाड़ा में भी वर्षा की संभावना जताई गई है।

20 जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के आसार

मौसम विभाग ने प्रदेश के 20 अन्य जिलों में भी बारिश की संभावना जताई है। इनमें पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडोरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली और मऊगंज शामिल हैं। इसके अलावा मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में भी अलग-अलग स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है।

इन क्षेत्रों में मौसम के मिजाज में बदलाव के साथ तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है। लगातार हो रही बारिश से किसानों को भी राहत मिलने की उम्मीद है, हालांकि अधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में जलभराव और फसलों पर असर की स्थिति को लेकर निगरानी रखने की जरूरत है।

मानसून की सक्रियता से बढ़ी बारिश की गतिविधियां

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून के सक्रिय होने से प्रदेश में नमी का स्तर बढ़ गया है। बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से आ रही नमी के कारण बादल बनने की प्रक्रिया तेज हुई है, जिसके चलते प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश हो रही है।

मानसून की सक्रियता से जहां कई क्षेत्रों में किसानों को फायदा मिल रहा है, वहीं कुछ जिलों में लगातार बारिश के कारण लोगों को परेशानी का सामना भी करना पड़ सकता है। निचले इलाकों में पानी भरने, नदी-नालों के जलस्तर बढ़ने और यातायात प्रभावित होने जैसी स्थिति बन सकती है।

प्रशासन ने सतर्क रहने की अपील की

बारिश के अलर्ट को देखते हुए प्रशासनिक स्तर पर भी तैयारियां की जा रही हैं। जिला प्रशासन को जलभराव वाले क्षेत्रों पर नजर रखने और आपात स्थिति में राहत कार्यों के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।

मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि तेज बारिश और गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचें। बिजली गिरने की संभावना को देखते हुए पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।

प्रदेश में मानसून की सक्रियता आने वाले दिनों में भी जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और आवश्यकता के अनुसार नए अलर्ट जारी किए जा सकते हैं।

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