इंदौर : खाद्य सुरक्षा को लेकर सख्त कार्रवाई करते हुए फूड सेफ्टी एडमिनिस्ट्रेशन ने सोमवार को शहर में चार खाद्य कारोबार इकाइयों की जांच की। इस दौरान अधिकारियों ने खाने-पीने की वस्तुओं के 31 सैंपल लिए और जांच के लिए लैब भेजे। कार्रवाई में करीब 12.21 लाख रुपये कीमत का 2,165 किलोग्राम/लीटर से अधिक संदिग्ध घी जब्त किया गया। इसके अलावा बिना वैध फूड लाइसेंस के संचालित हो रही एक यूनिट को तत्काल बंद कर दिया गया।
अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और मिलावटी या असुरक्षित खाद्य सामग्री की बिक्री पर रोक लगाने के उद्देश्य से की गई। जांच के दौरान सामने आई अनियमितताओं के आधार पर संबंधित खाद्य कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
फूड सेफ्टी टीम ने सुदामा नगर स्थित श्री एंटरप्राइजेज की संयुक्त जांच की। जांच में पाया गया कि यह यूनिट फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 के तहत आवश्यक लाइसेंस के बिना संचालित की जा रही थी। अधिकारियों ने इसे गंभीर उल्लंघन मानते हुए तत्काल प्रभाव से यूनिट को बंद कर दिया।
जांच के दौरान टीम ने श्री एंटरप्राइजेज से घी के आठ सैंपल लिए। इन सैंपलों को गुणवत्ता और मानकों की जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। रिपोर्ट आने तक अधिकारियों ने 7.46 लाख रुपये कीमत का 1,115.4 किलोग्राम/लीटर संदिग्ध घी जब्त कर लिया है।
अधिकारियों का कहना है कि लैब रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। यदि जांच में घी के नमूने खाद्य सुरक्षा मानकों पर खरे नहीं उतरते हैं तो संबंधित कारोबारी के खिलाफ खाद्य सुरक्षा कानून के तहत सख्त कदम उठाए जा सकते हैं।
इसके अलावा फूड सेफ्टी विभाग की टीम ने तलवाली चंदा स्थित ड्रीम सिटी में डुग्गू एंटरप्राइजेज की भी जांच की। यहां अधिकारियों ने गुजरात से लाए गए घी के 14 सैंपल लिए। इन नमूनों की भी प्रयोगशाला में जांच कराई जाएगी।
डुग्गू एंटरप्राइजेज से जांच के दौरान करीब 1,050 किलोग्राम संदिग्ध घी जब्त किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 4.75 लाख रुपये बताई गई है। अधिकारियों ने घी के स्टॉक को सुरक्षित कब्जे में ले लिया है और जांच रिपोर्ट आने तक इसके उपयोग या बिक्री पर रोक लगा दी गई है।
फूड सेफ्टी विभाग के अधिकारियों ने बताया कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। लाइसेंस के बिना कारोबार करना और मानकों के विपरीत खाद्य सामग्री बेचना कानून का उल्लंघन है। ऐसे मामलों में विभाग लगातार निगरानी और जांच अभियान चलाता रहेगा।
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, घी जैसे उत्पादों में मिलावट की संभावना को देखते हुए विशेष सतर्कता बरती जाती है। घी का इस्तेमाल बड़ी संख्या में लोग रोजाना करते हैं, इसलिए इसकी गुणवत्ता सुनिश्चित करना उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी है।
जांच के दौरान अधिकारियों ने अन्य खाद्य कारोबार इकाइयों की भी जांच की और आवश्यक दस्तावेजों की पड़ताल की। कुल मिलाकर अभियान में चार फूड बिजनेस की जांच की गई और 31 खाद्य पदार्थों के नमूने एकत्र किए गए।
अधिकारियों ने बताया कि खाद्य नमूनों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार प्रयोगशाला भेजा गया है। रिपोर्ट मिलने के बाद यह स्पष्ट होगा कि जब्त किए गए घी में किसी तरह की मिलावट या गुणवत्ता संबंधी कमी है या नहीं।
फूड सेफ्टी एडमिनिस्ट्रेशन ने खाद्य कारोबारियों को निर्देश दिया है कि वे सभी नियमों का पालन करें और वैध लाइसेंस के साथ ही कारोबार संचालित करें। विभाग ने चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी।
विभाग की इस कार्रवाई के बाद खाद्य कारोबारियों में भी सतर्कता बढ़ गई है। अधिकारियों का कहना है कि उपभोक्ताओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
खाद्य सुरक्षा अभियान के तहत की गई यह कार्रवाई मिलावटखोरी रोकने और खाद्य मानकों के पालन को सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। अब सभी की नजर जब्त किए गए घी के लैब परीक्षण परिणामों पर है, जिसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।