Madhya Pradesh मध्य प्रदेश: मध्य प्रदेश में मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिल रहा है। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में बने दबाव के क्षेत्र के कारण राज्य के कई हिस्सों में बादल छाए हुए हैं और कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हुई है। मौसम विभाग ने अगले तीन-चार दिनों तक ऐसा ही मौसम रहने का अनुमान जताया है।शनिवार सुबह से शाम तक विभिन्न जिलों में बारिश दर्ज की गई। बैतूल में 18 मिमी, सागर में 17 मिमी और उज्जैन में 10 मिमी बारिश हुई। मौसम विज्ञानियों के अनुसार, दिन के तापमान में भी गिरावट आ रही है। शनिवार को खजुराहो में सबसे अधिक 32.8 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।
कहाँ बारिश हो सकती है?
मध्य प्रदेश के सभी 37 जिलों में बारिश होने की संभावना है। इनमें इंदौर, धार, झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, भोपाल, रायसेन, राजगढ़, सीहोर, विदिशा, नर्मदापुरम, हरदा, बैतूल, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, सिवनी, छिंदवाड़ा, बालाघाट, मंडला, डिंडोरी, छतरपुर, दमोह, पन्ना, सागर, टीकमगढ़, निवाड़ी, आगर मालवा, देवास, मंदसौर, नीमच, रतलाम, शाजापुर और उज्जैन शामिल हैं।
मौसम विज्ञान केंद्र की जानकारी
वरिष्ठ मौसम विज्ञानी पीके रायकवार ने बताया कि पूर्व-मध्य अरब सागर पर बना दबाव क्षेत्र उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ रहा है। दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी में भी एक दबाव केंद्र सक्रिय है, जो रविवार को एक गहरे दबाव क्षेत्र में बदल सकता है और सोमवार तक पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी तक पहुँच सकता है, जो संभवतः एक चक्रवाती तूफान में बदल सकता है। इसके अलावा, सोमवार को हिमालयी क्षेत्र में एक नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के संकेत हैं।
मौसम विभाग ने नागरिकों से सावधानी बरतने की अपील की है। लोगों को भारी बारिश और तेज़ हवाओं के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने और बहुत ज़रूरी होने पर ही बाहर निकलने की सलाह दी गई है। इस मौसम के चलते अगले चार दिनों तक राज्य में बादल छाए रहेंगे और ठंडी हवाएँ चलती रहेंगी।