Bhopal भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि राज्य के लिए बीता साल 2025 औद्योगिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा है, वहीं वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाने का फैसला लिया है। सरकार का लक्ष्य समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश है। राज्य के प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बुधवार को बैठक की और बीते दो साल की उपलब्धियों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि वर्ष 2025 औद्योगिक विकास की दृष्टि से सफल रहा है। वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जाएगा। हमारा लक्ष्य समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश है।
राज्य शासन के लिए यह अत्यंत महत्वपूर्ण गतिविधि किसी एक या दो विभाग की नहीं, बल्कि 15 से अधिक बड़े विभागों का संयुक्त अभियान होगी। मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि कोविड काल से प्रदेश के शासकीय कार्यालयों में पांच दिवसीय सप्ताह की व्यवस्था लागू है। इस अवधारणा को सफलतापूर्वक लागू करने के लिए कार्यालयीन समय बढ़ाना और सभी का उसका पालन करना आवश्यक है। यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रदेश के शासकीय कार्यालयों में प्रातः 10 बजे से कार्य प्रारंभ हो। इसके लिए बायोमेट्रिक और अन्य तकनीकी प्रणालियों का सहारा लिया जाएगा। इससे अनुशासन के साथ कार्य निष्पादन में भी सुधार होगा।
मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार विकास और जनकल्याण गतिविधियों पर विशेष ध्यान दे रही है। सभी विभाग प्रमुख संबंधित केंद्रीय मंत्रालयों के सतत संपर्क में रहें। राज्य की प्रगति और योजनाओं तथा परियोजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही समस्याओं से केंद्र शासन को समय पर अवगत कराएं। इससे प्रदेश में विकास और जन-कल्याण गतिविधियों का बेहतर और त्वरित संचालन सुनिश्चित होगा। मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि प्रदेश में आगामी पांच वर्षों की कार्य योजना तैयार करने के साथ तीन वर्ष के बजट अनुमान की व्यवस्था भी की जा रही है। सड़क, अस्पताल, सिंचाई परियोजनाओं और सार्वजनिक भवन निर्माण की समेकित योजनाएं बनाकर उनका दस्तावेजीकरण किया जाए।
मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि 12 जनवरी से 31 मार्च तक "संकल्प से समाधान अभियान-वन" आरंभ किया जा रहा है। यह अभियान 106 प्रमुख हितग्राहीमूलक योजनाओं पर केंद्रित होगा। जिला प्रशासन यह सुनिश्चित करेगा कि शिविरों में प्राप्त सभी आवेदनों का अंतिम निपटान 31 मार्च, 2026 तक अनिवार्य रूप से हो।
अभियान के प्रथम चरण में 12 जनवरी से 15 फरवरी 2026 तक घर-घर जाकर आवेदन प्राप्त किए जाएंगे। द्वितीय चरण 16 फरवरी से 16 मार्च 2026 तक आयोजित होगा, जिसमें क्लस्टर स्तर पर शिविर लगाए जाएंगे। तृतीय चरण 16 मार्च से 26 मार्च तक चलेगा, जिसमें ब्लॉक स्तर पर अनिराकृत शेष आवेदन, शिकायतें और नवीन प्राप्त आवेदनों का निराकरण किया जाएगा। चतुर्थ चरण जिला स्तर पर 26 मार्च से 31 मार्च 2026 तक चलेगा, जिसमें जिला स्तर पर शिविर आयोजित कर सभी अनिराकृत शेष आवेदन व शिकायतों और नवीन प्राप्त आवेदनों का निराकरण किया जाएगा।