Madhya Pradesh मध्य प्रदेश : लगातार हो रही बारिश के बाद इंदौर शहर के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति बन गई है। इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए इंदौर म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (IMC) के कमिश्नर क्षितिज सिंघल ने शुक्रवार को शहर के विभिन्न जलभराव प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया और मौके पर ही अधिकारियों को तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान कमिश्नर ने बॉम्बे हॉस्पिटल, लसूड़िया मोरी, SR कंपाउंड, पंचवटी कॉलोनी, मालवीय पेट्रोल पंप, LIG स्क्वायर, पलासिया स्क्वायर, खजराना स्क्वायर, रेडिसन स्क्वायर, रोबोट स्क्वायर और रिंग रोड सहित कई प्रमुख और व्यस्त इलाकों का दौरा किया। इन क्षेत्रों में बारिश के कारण पानी भरने की समस्या सामने आई, जिससे यातायात और स्थानीय लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
निरीक्षण के दौरान SR कंपाउंड और पंचवटी कॉलोनी क्षेत्र में एक गंभीर समस्या सामने आई। यहां चल रहे निजी निर्माण कार्य के कारण स्टॉर्मवॉटर ड्रेन (बारिश के पानी की निकासी नाली) को नुकसान पहुंचा पाया गया था। इसके चलते इलाके में पानी का सही निकास नहीं हो सका और गंभीर जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई।
इस लापरवाही को देखते हुए नगर आयुक्त ने तत्काल प्रभाव से निर्माण कार्य को रोकने के आदेश दिए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि बिना अनुमति या नियमों के खिलाफ किए जा रहे किसी भी निर्माण कार्य पर सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही संबंधित जिम्मेदार व्यक्तियों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए गए।
कमिश्नर क्षितिज सिंघल ने मौके पर मौजूद इंजीनियरिंग और नगर निगम अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रभावित क्षेत्रों में जल निकासी व्यवस्था को तुरंत दुरुस्त किया जाए ताकि आगे किसी भी तरह की परेशानी न हो। उन्होंने यह भी कहा कि शहर में किसी भी निर्माण कार्य के दौरान ड्रेनेज सिस्टम को नुकसान पहुंचाना गंभीर लापरवाही है और इसे किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इसके अलावा सीवर लाइन के कार्य से प्रभावित सड़कों की मरम्मत को भी प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए। जिन इलाकों में सड़कें खराब हुई थीं, वहां तत्काल सुधार कार्य शुरू कर दिया गया है। नगर निगम की टीमें मौके पर पहुंचकर जल निकासी और सड़क मरम्मत कार्य में जुट गई हैं।
इंदौर में हाल के दिनों में हो रही लगातार बारिश के कारण कई निचले इलाकों में पानी भरने की समस्या सामने आई है। इसके चलते यातायात बाधित हुआ है और स्थानीय निवासियों को दैनिक गतिविधियों में परेशानी का सामना करना पड़ा है। नगर निगम अब इन समस्याओं को स्थायी रूप से हल करने के लिए ड्रेनेज सिस्टम की समीक्षा भी कर रहा है।
नगर आयुक्त ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि शहर के प्रमुख चौराहों और व्यस्त मार्गों पर जल निकासी व्यवस्था की नियमित निगरानी की जाए। उन्होंने कहा कि बारिश के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही से आम जनता को परेशानी नहीं होनी चाहिए।
विशेषज्ञों के अनुसार, शहरीकरण और तेजी से हो रहे निर्माण कार्यों के कारण कई जगहों पर प्राकृतिक जल निकासी मार्ग प्रभावित हो रहे हैं, जिससे बारिश के समय जलभराव की समस्या बढ़ जाती है। ऐसे में ड्रेनेज सिस्टम को मजबूत करना और अवैध या अनियंत्रित निर्माण पर नियंत्रण बेहद जरूरी हो जाता है।
नगर निगम ने भी संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में शहर के सभी प्रमुख ड्रेनेज सिस्टम और नालियों का सर्वे कराया जाएगा ताकि कमियों की पहचान कर उन्हें समय रहते ठीक किया जा सके।
कुल मिलाकर, इंदौर में बारिश के बाद उत्पन्न जलभराव की स्थिति को देखते हुए नगर निगम ने सख्त रुख अपनाया है। कमिश्नर के निरीक्षण के बाद कई जगहों पर तत्काल सुधार कार्य शुरू कर दिए गए हैं और लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई की तैयारी भी तेज कर दी गई है।