नर्मदा नदी में अवैध रेत उत्खनन जारी, सिंडिकेट ठेकेदार पर लगे गंभीर आरोप
Raisen, रायसेन। इस बार रेत का ठेका शासन प्रशासन द्वारा रेत के सिंडिकेट ठेकेदार को दिया गया है।बताया जा रहा है कि नर्मदा नदी की धार को रोककर रेत माफिया अवैध उत्खनन कर रहा है। बताया जा रहा है कि भारकच्छ के नजदीक गौरा मछवाई मदागन घाट सहित उदयपुरा के बौरास और देवरी के कैलकच्छ नर्मदा नदी घाट के नर्मदा नदी की धार को रोककर रेत माफिया ने नावों का पुल बना लिया है। इस पुल से रेत के डंपर रायसेन से नरसिंहपुर, सीहोर जिले की सीमा से निकलकर नर्मदापुरम पहुंच जाते हैं। रेत माफिया रोज 50 से 60 80 डंपर रेत अवैध तरीके से निकाल रहा है। नर्मदा की धार रोककर बनाए गए पुल से पानी का प्रवाह प्रभावित हो रहा है।लेकिन, लेकिन विभाग के आला अफसर ध्यान नहीं दे रहे हैं। रेत माफिया खुलेआम अवैध उत्खनन कर रहा है।
वैसे भी जिले में रेत, पत्थर और मुरम का अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण जमकर हो रहा है। स्थिति यह है कि जिला खनिज विभाग हर दिन औसत एक प्रकरण दर्ज कर रहा है। सबसे ज्यादा अवैध उत्खनन, परिवहन के प्रकरण रेत के दर्ज किए जा रहे हैं। नर्मदा नदी से रेत के अवैध उत्खनन की हालत यह है कि रेत माफिया ने नर्मदा की धार को रोककर नावों के जरिए पुल तक बना लिए हैं। नर्मदा की बीच धार से जेसीबी और पोकलेन के जरिए रेत निकाली जा रही है।जबकि एनजीटी द्वारा नर्मदा नदी की ब हाव वाली धार से रेत निकालना मनाही है।
उधर कलेक्टोरेट में जिला स्तरीय खनिज टास्क फोर्स समिति की बैठक हुई। बैठक में कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा ने कहा कि जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण पर सत कार्रवाई की जाए। उन्होंने विभिन्न निर्माण विभागों को निर्देश दिए कि वे अपने निर्माण कार्यों में खनिज रॉयल्टी के रूप में प्राप्त राशि का प्रतिवेदन शीघ्र जिला खनिज अधिकारी को भेजें। कलेक्टर ने कहा कि जिन व्यक्तियों पर खनिज विभाग की वसूली बकाया है, उनसे वसूली की कार्रवाई की जाए। बैठक में बताया गया कि जिले में गौण खनिज की 173 खदाने स्वीकृत है। इनमें रेत की 28, गिट्टी की 125, मुरम की 20 खदाने मंजूर हैं।