ग्वालियर: बीएसएफ अकादमी और गति शक्ति विश्वविद्यालय के बीच ऐतिहासिक समझौता

Update: 2025-11-13 18:31 GMT
Gwalior ग्वालियर: देश की सीमाओं की सुरक्षा में अग्रणी सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने बदलते वैश्विक युद्ध पैटर्न और आधुनिक तकनीक के युग में खुद को सशक्त बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। ग्वालियर स्थित बीएसएफ अकादमी टेकनपुर में एक सहयोग समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए, जो बीएसएफ को अत्याधुनिक तकनीक से लैस करने में मील का पत्थर साबित होगा।
इस एमओयू के तहत बीएसएफ अकादमी के पुलिस टेक्नोलॉजी इनोवेशन सेंटर, सेंट्रल स्कूल ऑफ मोटर ट्रांसपोर्ट और स्कूल ऑफ ड्रोन वारफेयर ने गति शक्ति विश्वविद्यालय, वडोदरा और रुस्तमजी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, ग्वालियर के साथ साझेदारी की। इस अवसर पर गति शक्ति
विश्वविद्यालय
के वाइस चांसलर डॉ. मनोज चौधरी और बीएसएफ अकादमी के एडीजी शमशेर सिंह उपस्थित रहे।
समझौते का मुख्य उद्देश्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता, साइबर सुरक्षा, इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम, डेटा एनालिटिक्स, ड्रोन तकनीक और स्मार्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में अनुसंधान, प्रशिक्षण और तकनीकी विकास को बढ़ावा देना है। इस पहल के माध्यम से भारत सरकार के “आत्मनिर्भर भारत” विजन को बल मिलेगा और राष्ट्रीय सुरक्षा तथा लॉजिस्टिक क्षमता में सुधार होगा।
साझेदारी के अंतर्गत संस्थान सुरक्षा चुनौतियों पर केंद्रित संयुक्त अनुसंधान और नवाचार परियोजनाओं को क्रियान्वित करेंगे। गति शक्ति विश्वविद्यालय बीएसएफ कर्मियों और रुस्तमजी इंस्टीट्यूट के छात्रों के लिए लॉजिस्टिक्स, ट्रांसपोर्ट टेक्नोलॉजी और डेटा साइंस जैसे क्षेत्रों में विशेष शैक्षणिक एवं कौशल विकास कार्यक्रम भी आयोजित करेगा। इसके अलावा, यूनिवर्सिटी फैकल्टी एक्सचेंज और मेंटरशिप प्रोग्राम भी संचालित किए जाएंगे।
इस अवसर पर गति शक्ति विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. मनोज चौधरी ने सेंट्रल स्कूल ऑफ मोटर ट्रांसपोर्ट में “टाटा मोटर्स आरसीटी लैब” और रुस्तमजी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में “फ्यूचर मोबिलिटी लैब” का उद्घाटन किया। बीएसएफ अधिकारियों के अनुसार, यह ऐतिहासिक कदम भारत के सीमा प्रबंधन में तकनीकी सशक्तिकरण के नए युग की नींव रखेगा। बीएसएफ और विश्वविद्यालयों के इस संयुक्त प्रयास से न केवल सीमा सुरक्षा बल की कार्यक्षमता बढ़ेगी, बल्कि आधुनिक तकनीकी समाधानों के माध्यम से सुरक्षा चुनौतियों का समाधान भी संभव होगा।
Tags:    

Similar News