डिंडौरी। जिला मुख्यालय के मुख्य बस स्टैंड में रविवार की सुबह उस समय अफरा तफरी मच गई जब हथियारों से लैस भारी पुलिस बल अचानक पहुंच गया। लोग समझ नहीं पाए कि अचानक इतनी संख्या में पुलिस बल क्यों पहुंचा है। पुलिस ने बस स्टैंड से दो युवक को हिरासत में लिया। जानकारी में बताया गया कि पुलिस अधीक्षक संजय सिंह के निर्देशन में रविवार को रक्षित केंद्र परेड ग्राउंड में एएसपी जगन्नाथ मरकाम व एसडीओपी डिंडौरी आकांक्षा उपाध्याय और पुलिस अधिकारियों की उपस्थिति में जवानों द्वारा कानून व्यवस्था की स्थिति से निपटने के लिए मॉक ड्रिल का अभ्यास किया गया।

पुलिस की शब्दावली में इसे बलवा ड्रिल भी कहा जाता है। एएसपी जगन्नाथ मरकाम द्वारा विपरीत परिस्थितियों पर उग्र हो रहे प्रदर्शनकारी व दंगाइयों से कैसे निपटे और शांति व्यवस्था कैसे नियंत्रित करें, इस संबंध में अपने मातहतों को विस्तारपूर्वक समझाया गया। बलवा ड्रिल में वास्तविकता लाने एएसपी के निर्देशन पर सूबेदार कुंअर सिंह उलाड़ी द्वारा पुलिसकर्मियों की दो पार्टियां बनाई थी। एक पार्टी को प्रदर्शनकारी, दंगाई बनाया गया था और एक पुलिस पार्टी में मजिस्ट्रेट, डॉक्टर, पुलिस आर्म्स पार्टी सहित अलग-अलग दल बनाए गए थे।

बलवा ड्रिल में बकायदा प्रदर्शनकारी व प्रशासन व पुलिस के मध्य चर्चा, समझाइश का दौर प्रदर्शन किया गया। जब दोनों पक्षों के बीच बातचीत से समाधान नहीं हुआ और प्रदर्शनकारी, दंगाई उग्र होकर कानून का उल्लंघन करने लगे तब पुलिस पार्टी ने अश्रु गैस व अन्य दंगा नियंत्रण उपकरण के साथ शस्त्रों का प्रयोग कर प्रद्रर्शनकारी, दंगाइयों को नियंत्रित किया। इस दौरान प्रद्रर्शनकारी, दंगाईयों के हमले से घायल पुलिसकर्मियों का बचाव का अभ्यास जवानों द्वारा किया गया।
एएसपी जगन्नाथ मरकाम व एसडीओपी आकांक्षा उपाध्याय द्वारा बलवा ड्रिल में पाई गई खामियों पर विस्तृत रूप से पुलिसकर्मियों को समझाया गया और आने वाले दिनों में इसका अभ्यास कर सुधार करना बताया गया। बलवा ड्रिल में कोतवाली प्रभारी सीके सिरामे, अजाक थाना प्रभारी भूपेंद्र सिंह आर्मो, निरीक्षक नक्सल सेल राजेन्द्र बिसेन, महिला थाना प्रभारी नर्मदा सेन्द्राम, यातायात थाना प्रभारी एसआई राहुल तिवारी, सशस्त्र पुलिस बल के अधिकारी व जिला बल के पुलिस स्टाफ शामिल रहा।
बस स्टैंड को घेरते पुलिस के जवानो को देखकर आम लोगों में दहशत का माहौल नजर आया। हालांकि थोडी देर बाद लोग मॉक ड्रिल के बारे में समझ पाए। बताया गया कि आगामी त्योहारों के मद्देनजर पुलिस अधीक्षक द्वारा सुरक्षा तैयारियों का जायजा लेने के लिए मॉक ड्रिल कराया गया। मॉक ड्रिल आतंकी बस स्टैंड में सूचना को लेकर था।